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झारखंड : रक्षाबंधन पर भाई ने बहन को गिफ्ट किया शौचालय

स्टडी के मुताबिक 57 करोड़ लोग खुले में शौच करते हैं

झारखंड : रक्षाबंधन पर भाई ने बहन को गिफ्ट किया शौचालय
रामगढ़. रक्षा बंधन पर बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और बदले में भाई बहन को गिफ्त देता है। झारखंड पिंटू ने इस रक्षा बंधन अपनी बहन को बड़ा ही नायाब गिफ्त दिया है। पिंटू ने अपनी बहन को शौचालय बनवाकर भेंट किया है।
दो साल पहले लाल किले से नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में खुले में शौच की बुराई को समाप्त करने का आह्वान किया था। पीएम के इस अभियान से प्रेरित होकर रामगढ़ के पिंटू ने अपनी बहन को रक्षाबंधन में शौचालय गिफ्ट किया है।
पिन्टू ने बताया कि " मैं समझता हूं कि खुले में शौच स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह है इसलिए मैंने अपने बहन को शौचालय गिफ्ट करने का सोचा। मैं चाहता हूं कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस और ध्यान दें। "गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता अभियान चलाया था। एक स्टडी के मुताबिक 57 करोड़ लोग खुले में शौच करते हैं।

15 अगस्त 2014 में प्रधानमंत्री ने किया था आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में लाल किले से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भाषण में कहा था कि भाइयो-बहनो, हम इक्कीसवीं सदी में जी रहे हैं। क्या कभी हमारे मन को पीड़ा हुई कि आज भी हमारी माताओं और बहनों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है? डिग्निटी ऑफ विमेन, क्या यह हम सबका दायित्व नहीं है? बेचारी गांंव की मांं-बहनें अंंधेरे का इंतजार करती हैं, जब तक अंंधेरा नहीं आता है, वे शौच के लिए नहीं जा पाती हैं। उसके शरीर को कितनी पीड़ा होती होगी, कितनी बीमारियों की जड़ें उसमें से शुरू होती होंगी! क्या हमारी मांं-बहनों की इज्ज़त के लिए हम कम-से-कम शौचालय का प्रबन्ध नहीं कर सकते हैं? भाइयोंं-बहनोंं, किसी को लगेगा कि 15 अगस्त का इतना बड़ा महोत्सव बहुत बड़ी-बड़ी बातें करने का अवसर होता है। भाइयोंं-बहनोंं, बड़ी बातों का महत्व है, घोषणाओं का भी महत्व है, लेकिन कभी-कभी घोषणाएंं जगाती हैं और जब घोषणाएंं परिपूर्ण नहीं होती हैं, तब समाज निराशा की गर्त में डूब जाता है।
इसलिए हम उन बातों के ही कहने के पक्षधर हैं, जिनको हम अपने देखते-देखते पूरा कर पाएंं। भाइयोंं-बहनोंं, इसलिए मैं कहता हूंं कि आपको लगता होगा कि क्या लाल किले से सफाई की बात करना, लाल किले से टॉयलेट की बात बताना, यह कैसा प्रधान मंत्री है? भाइयोंं-बहनोंं, मैं नहीं जानता हूंं कि मेरी कैसी आलोचना होगी, इसे कैसे लिया जाएगा, लेकिन मैं मन से मानता हूंं। मैं गरीब परिवार से आया हूंं, मैंने गरीबी देखी है और गरीब को इज्‍़ज़त मिले, इसकी शुरूआत यहीं से होती है। इसलिए ‘स्वच्छ भारत’ का एक अभियान इसी 2 अक्टूबर से मुझे आरम्भ करना है और चार साल के भीतर-भीतर हम इस काम को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
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