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पश्चिम बंगाल सरकार पर लगा गलत इतिहास पढाने का आरोप, क्रांतिकारियों को बताया आतंकवादी

इससे पहले गुजरात सरकार पर आरोप लगा था कि एतिहासिक तथ्‍यों को बदल कर पाठ्यक्रम में लागू किया गया है।

पश्चिम बंगाल सरकार पर लगा गलत इतिहास पढाने का आरोप, क्रांतिकारियों को बताया आतंकवादी
कोलकाता. इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की एक घटना पश्चिम बंगाल में भी सामने आया है। पश्चिम बंगाल सेकेंडरी शिक्षा बोर्ड की 8वीं क्लास की इतिहास की किताब में खुदीराम बोस, जतिंद्रनाथ मुखर्जी और प्रफुल्ल चाकी जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को क्रांतिकारी आतंकवादी कहा गया है। किताब में रेवोल्यूशनरी टेररिज़्म नाम से एक अलग चैप्टर है, जिसमें इन क्रांतिकारियों की गतिविधियों चरमपंथ की संज्ञा दी गई है।
इसे पश्चिम बंगाल के ही कुछ इतिहासकार भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का मज़ाक मान रहे हैं। लेकिन जिन इतिहासकारों ने बोर्ड के लिए ये किताब लिखी है, उनकी दलील है कि तथ्यों के साथ समझौता ना हो इसीलिए क्रांतिकारियों के लिए ऐसे शब्द इस्तेमाल किए गए हैं। वहीं सरकार का कहना है कि वो मामले पर बहस के लिए तैयार है और इसके लिए पिछली लेफ्ट सरकार ज़िम्मेदार है। सरकार में आने के महज़ 10 महीने बाद ही ममता बनर्जी की सरकार ने पश्चिम बंगाल की पाठ्य पुस्तकों से कार्ल मार्क्स से जु़ड़ा चैप्टर हटा दिया था।
नीचे की स्‍लाइड्स में जानिए, क्‍या कहती है पश्चिम बंगाल सरकार -
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