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मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने लिखी पीएम को चिट्ठी, सीमा विवाद सुलझाने का आग्रह

इस मामले को उठाया है और स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।

मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने लिखी पीएम को चिट्ठी, सीमा विवाद सुलझाने का आग्रह

गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्नी तरुण गोगोई ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से असम-नगालैंड सीमा के पास हिंसा प्रभावित उरियमघाट में शांति बहाल करने के लिए निजी रूप से हस्तक्षेप की मांग की। इस हिंसा में 18 लोगों की मौत हुई है। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में गोगोई ने उनसे हिंसा प्रभावित गांवों में सुरक्षा बंदोबस्त करने के लिए क्षेत्न में सीआरपीएफ जवानों की अतिरिक्त 10 कंपनियों की तैनाती का अनुरोध किया ताकि हिंसा अन्य क्षेत्नों में नहीं फैले। मुख्यमंत्नी ने आरोप लगाया कि विवादित क्षेत्र में तैनात सीआरपीएफ जवान असम के गरीब गांववालों को सुरक्षा देने में नाकाम रहे।

उन्होंने पत्र में कहा कि क्षेत्रों में तैनात जवानों को बदमाशों, उग्रवादियों के खिलाफ बिना भेदभाव के सक्रियता के साथ कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए। अगर तटस्थ बल ने स्थिति को तेजी से, सक्रिय और बिना भेदभावपूर्ण तरीके से संभाला होता तो जान माल का इतना हैरत भरा नुकसान नहीं होता। उन्होंने केन्द्रीय गृहमंत्री के साथ इस मामले को उठाया है और स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। हम तटस्थ बलों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और स्थिति पर नियंत्नण रखने के लिए नगालैंड सरकार के संपर्क में हैं। प्रभावित क्षेत्रों में और सुरक्षाबलों को भेजकर स्थिति पर नियंत्रण कराने को कहा है। गोगोई ने कहा कि अगर तटस्थ बल ने स्थिति को तेजी से, सक्रिय और बिना भेदभावपूर्ण तरीके से संभाला होता तो जान माल का इतना हैरत भरा नुकसान नहीं होता।

गोगोई ने कहा कि उन्होंने केन्द्रीय गृहमंत्री के साथ इस मामले को उठाया है और स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि हम तटस्थ बलों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए नगालैंड सरकार के साथ निरंतर संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ताजा हिंसा से प्रभावित क्षेत्र विवादित क्षेत्र :डीएबी: के बी सेक्टर में आता है और यह असम की संवैधानिक सीमा में आता है। असम के मुख्य सचिव जीतेश खोसला ने बताया कि गोलाघाट जिले में हिंसा के बाद शनिवार को शांति रही।
नीचे की स्लाइड्स में जानिए,झुका कर फहराया गया तिरंगा -

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