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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी का राजनीतिक और प्रशासनिक नक्शा अब बदलने वाला है। दशकों से हजरतगंज की पहचान रहा विधानभवन अब गोमतीनगर के पॉश इलाके में शिफ्ट होने के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य सरकार ने 'सहारा शहर' की 245 एकड़ जमीन पर प्रदेश की नई और भव्य विधानसभा बनाने की प्रक्रिया को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है।

इसी कड़ी में लखनऊ विकास प्राधिकरण अब एक विशेषज्ञ कंसल्टेंसी कंपनी के जरिए इस पूरी जमीन का विस्तृत सर्वे करवाने जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट सीधे शासन को भेजी जाएगी।

​LDA करवाएगा हाई-टेक सर्वे, कंसल्टेंसी कंपनी संभालेगी कमान

​नवीनतम जानकारी के अनुसार, एलडीए ने सहारा शहर की जमीन पर विधानसभा निर्माण की बाधाओं और संभावनाओं को टटोलने के लिए कंसल्टेंसी कंपनी नियुक्त करने की तैयारी कर ली है।

यह कंपनी जमीन की पैमाइश, मिट्टी की जांच और भौगोलिक स्थिति का बारीकी से अध्ययन करेगी। इस सर्वे के आधार पर ही यह तय होगा कि विधानसभा भवन, मंत्रियों के चैंबर्स और अन्य सरकारी कार्यालयों का ढांचा किस तरफ होगा। सर्वे रिपोर्ट फाइनल होते ही इसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद मास्टर प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा।

सहारा शहर की जमीन ही क्यों बनी पहली पसंद?

​विधानसभा जैसी महत्वपूर्ण और सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील इमारत के लिए सरकार को एक बड़े और बाधा-रहित भूखंड की तलाश थी। सहारा शहर की लोकेशन इस मामले में सबसे सटीक पाई गई है। यहाँ नगर निगम की 170 एकड़ और एलडीए की 75 एकड़ जमीन मिलाकर कुल 245 एकड़ का विशाल क्षेत्रफल उपलब्ध है।

यह जमीन चारों तरफ से चौड़ी सड़कों से जुड़ी है, जिससे वीआईपी मूवमेंट के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू रहेगी।

हजरतगंज को जाम से मिलेगी बड़ी राहत

​वर्तमान में हजरतगंज स्थित पुराने विधानभवन के कारण सत्र के दौरान पूरा मध्य लखनऊ जाम की चपेट में आ जाता है। नया पावर सेंटर गोमतीनगर शिफ्ट होने से हजरतगंज, राजभवन मार्ग और लालबाग के इलाकों में ट्रैफिक का दबाव लगभग 70% तक कम हो जाएगा।

इससे न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि ऐतिहासिक हजरतगंज को एक 'हेरिटेज जोन' के रूप में और बेहतर ढंग से संवारा जा सकेगा।

​भविष्य की जरूरतों के लिए 'हाई-टेक' परिसर

​प्रस्तावित नए विधानभवन को आने वाले 100 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। इसमें विधानसभा और विधान परिषद के लिए विशाल सदन होंगे, जिनमें भविष्य में बढ़ने वाली सदस्यों की संख्या के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था होगी।

साथ ही, मंत्रियों और विधायकों के लिए अत्याधुनिक संचार सुविधाओं से लैस 'वर्ल्ड क्लास चैंबर्स' बनाए जाएंगे। परिसर के भीतर ही डिजिटल लाइब्रेरी, हाई-टेक मीडिया सेंटर और विशाल अंडरग्राउंड पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।