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कानपुर : कानपुर में करोड़ों की लैंबोर्गिनी कार के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में 'डीएस ग्रुप' के मालिक और तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा ने चुप्पी तोड़ी है।

अपने बेटे शिवम मिश्रा पर लग रहे आरोपों पर सफाई देते हुए उन्होंने दावा किया है कि हादसे के वक्त उनका बेटा स्टीयरिंग पर नहीं था, बल्कि कार ड्राइवर चला रहा था। उन्होंने इस पूरी घटना को कार की 'तकनीकी खराबी' का परिणाम बताया है।

​केके मिश्रा का दावा: ड्राइवर था गाड़ी के भीतर

​सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों और प्रत्यक्षदर्शियों की बातों को खारिज करते हुए केके मिश्रा ने कहा कि उस समय कार ड्राइवर चला रहा था। उन्होंने तर्क दिया कि हादसे के बाद शिवम केवल गाड़ी देखने के लिए वहां मौजूद थे।

केके मिश्रा के अनुसार, कार अचानक अनियंत्रित हो गई थी, जो किसी मैकेनिकल फेलियर या तकनीकी खराबी का संकेत है। उन्होंने पुलिस जांच में पूरा सहयोग करने की बात भी कही है।

​क्या था पूरा हादसा?

​यह घटना कानपुर के एक व्यस्त मार्ग पर हुई थी, जहां तेज रफ्तार लैंबोर्गिनी कार डिवाइडर और अन्य बाधाओं से टकराकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप था कि कार बहुत तेज गति में थी और उसे शिवम मिश्रा ही चला रहे थे।

हादसे का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस पर रसूखदार परिवार के खिलाफ कार्रवाई करने का भारी दबाव बना हुआ है।

​पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज

​कानपुर पुलिस इस मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह साफ हो सके कि ड्राइविंग सीट पर वास्तव में कौन था।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि केके मिश्रा के दावों की पुष्टि के लिए चश्मदीदों के बयान और डिजिटल साक्ष्य सबसे महत्वपूर्ण होंगे। यदि यह साबित होता है कि शिवम मिश्रा कार चला रहे थे, तो उन पर लापरवाही से गाड़ी चलाने और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में कार्रवाई हो सकती है।

​हादसे के बाद छिड़ी बहस

​इस हादसे ने एक बार फिर रईसों की 'स्पीड और रसूख' पर बहस छेड़ दी है। विपक्षी दलों और सोशल मीडिया यूजर्स ने आरोप लगाया है कि पुलिस धनबल के दबाव में आकर ड्राइवर को 'बलि का बकरा' बनाने की कोशिशों को अनदेखा कर सकती है।

हालांकि, केके मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी जांच से पीछे नहीं हट रहे हैं और सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी।