वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व की मुहली रेंज में 35 माह के युवा बाघ का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में टेरिटरी फाइट की आशंका, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।

सागर। वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में एक युवा बाघ मृत अवस्था में पाया गया है। यह बाघ लगभग 35 महीने का था और उसे करीब एक माह पहले ही यहां लाया गया था। उसका शव मुहली रेंज के मानेगांव बीट क्षेत्र में बरामद हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई, लेकिन अंधेरा होने के कारण पहले दिन विस्तृत सर्च अभियान नहीं चलाया जा सका। अगले दिन सुबह डॉग स्क्वॉड की मदद से जांच प्रक्रिया तेज की गई।

किसी बाहरी हस्तक्षेप के स्पष्ट संकेत नहीं
प्रारंभिक जांच में किसी बाहरी हस्तक्षेप के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। जांच टीम ने आसपास के बिजली के तारों और जल स्रोतों की भी बारीकी से पड़ताल की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बाघ की मौत करंट लगने या पानी से जुड़ी किसी वजह से तो नहीं हुई। हालांकि ऐसी कोई स्थिति सामने नहीं आई। इसी कारण वन विभाग अब बाघ की मौत को टेरिटरी फाइट यानी क्षेत्रीय संघर्ष से जोड़कर देख रहा है। जंगल में बाघ अक्सर अपने इलाके को संघर्ष करते हैं और इसमें अक्सर एक की मौत हो जाती है। 

 कॉलर आईडी से हो रही थी निगरानी
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस बाघ की निगरानी कॉलर आईडी के माध्यम से की जा रही थी। पिछले तीन दिनों से उसकी लोकेशन एक ही स्थान पर मिल रही थी, जिससे अधिकारियों को इसकी मौत का संदेह हुआ। सामान्यतः बाघ लगातार मूवमेंट में रहते हैं, इसलिए एक ही जगह पर लगातार लोकेशन मिलना असामान्य बात होती। इसे विशेषज्ञ उसकी मौत के रूप में देखते हैं। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो बाघ मृत अवस्था में जमीन पर पड़ा मिला। 

पीएम के बाद ही सामने आएगा सच
इस घटना के बाद भोपाल, पन्ना और जबलपुर से विशेषज्ञों की टीम भी जांच के लिए पहुंची। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया, ताकि मौत का सटीक कारण स्पष्ट हो सके। डीएफओ रजनीश कुमार के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम रूप से कुछ कहा जा सकेगा कि बाघ की मौत किन परिस्थितियों में हुई। टाइगर रिजर्व में एक युवा बाघ की मौत वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से गंभीर मामला माना जा रहा है। फिलहाल वन विभाग पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रहा है।