A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Undefined variable $summary

Filename: widgets/story.php

Line Number: 3

Backtrace:

File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/mobile/widgets/story.php
Line: 3
Function: _error_handler

File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/amp/story.php
Line: 39
Function: view

File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 507
Function: view

File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 341
Function: loadAmpTheme

File: /content/websites/front-hbm/application/controllers/Content.php
Line: 303
Function: contentStorypageAmp

File: /content/websites/front-hbm/index.php
Line: 319
Function: require_once

एपी सिंह , इंदौर। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार इंदौर और उज्जैन के बीच तेज और सुगम यातायात के लिए ग्रीन फील्ड कॉरिडोर तैयार कर रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में जमीन अधिग्रहण से जुड़ी बड़ी अड़चन अब दूर हो गई है। प्रशासन ने 20 गांवों के 662 किसानों को कुल 626 करोड़ 49 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश जारी कर दिया है।

किसानों की आपत्तियों और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह फैसला लिया गया है। करीब 48 किमी लंबा यह फोरलेन कॉरिडोर इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर तक जाएगा। 

यह सड़क एक्सेस कंट्रोल्ड बनाई जाएगी, यानी बीच रास्ते से कोई वाहन प्रवेश नहीं कर सकेगा। प्रवेश और निकास के लिए पॉइंट तय होंगे। इससे यातायात सुचारू और सुरक्षित रहेगा। पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 2000 करोड़ रुपए है। इसमें से 1089 करोड़ रुपए निर्माण कार्य पर खर्च किए जाएंगे, जबकि शेष राशि जमीन अधिग्रहण में लगाई जाएगी।

इंदौर जिले में करीब 175 हेक्टेयर जमीन ली जानी है। हातोद तहसील के 255 किसानों की 75 हेक्टेयर और सांवेर क्षेत्र के 395 किसानों की लगभग 100 हेक्टेयर जमीन इस परियोजना में शामिल है।

यदि औसत आंकड़े पर नजर डालें तो प्रत्येक किसान को लगभग 95 लाख रुपए का मुआवजा मिलने की संभावना है। यह राशि किसानों के लिए आर्थिक रूप से अहम मानी जा रही है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने एसडीओ के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

इस ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण एमपीआरडीसी के माध्यम से किया जा रहा है। परियोजना का ठेका लुधियाना स्थित सीगल इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। उम्मीद है कि यह सड़क सिंहस्थ महापर्व से पहले पूरी हो जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।