राज्य सरकार ने 2026-27 के लिए लगभग 4.38 लाख करोड़ का बजट पेश किया है। बजट में महिलाओं, किसानों, ग्रामीण विकास, शिक्षा और आधारभूत ढांचे पर खास जोर दिया गया है। जानिए बजट की प्रमुख घोषणाएं।

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 4.38 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। राज्य के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा  ने विधानसभा में इसे महिला-केंद्रित बजट बताते हुए कहा कि इस बार कोई नया कर नहीं लगाया गया है। यह मोहन यादव सरकार का लगातार तीसरा बजट है। बजट पेश किए जाने के दौरान विपक्ष ने राज्य पर बढ़ते कर्ज को लेकर सवाल भी उठाए।

लगभग 90 मिनट के अपने भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट ग्यान-II मॉडल पर आधारित है। इसका अर्थ है-गरीब कल्याण, युवा शक्ति, अन्नदाता (किसान), नारी शक्ति, साथ ही आधारभूत ढांचा और उद्योग। इन क्षेत्रों के लिए करीब 3 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह बजट विकास और सामाजिक कल्याण दोनों को साथ लेकर चलने का प्रयास है।

महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
महिलाओं के सशक्तिकरण पर इस बजट में विशेष जोर दिया गया है। विभिन्न महिला कल्याण योजनाओं, स्वयं सहायता समूहों और उज्ज्वला योजना के लिए 1,27,555 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। कामकाजी महिलाओं के लिए 5,700 नए छात्रावास बनाने की घोषणा की गई है।

लाड़ली बहना योजना के लिए 23,883 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इस योजना के तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए की सहायता दी जाती है। वर्ष 2023 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 52,304 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं। 

शिक्षा के लिए की गई अहम घोषणाएं  
उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ कुंभ-2028 के लिए 3,600 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40,062 करोड़ रुपए की राशि प्रस्तावित की गई है। ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ‘ग्राम गारंटी’ के लिए 10,428 करोड़ रुपए और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना हेतु 900 करोड़ रुपए रखे गए हैं।

शिक्षा और कृषि क्षेत्र में भी अहम घोषणाएं की गई हैं। सरकार 15,000 नए शिक्षकों की भर्ती करेगी। साथ ही कक्षा 8 तक के सरकारी स्कूलों के बच्चों को टेट्रा पैक में मुफ्त दूध उपलब्ध कराया जाएगा। 

किसानों को 1 लाख सोलर पंप देने की घोषणा
किसानों के लिए 1 लाख सोलर पंप देने की घोषणा की गई है, जिससे सिंचाई में सुविधा मिलेगी और बिजली पर निर्भरता घटेगी। इसके अलावा श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपये, सड़कों के मरम्मत कार्यों के लिए 12,690 करोड़ रुपये और जल जीवन मिशन के लिए 4,454 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

कुल मिलाकर यह बजट सामाजिक कल्याण, बुनियादी ढांचे और ग्रामीण विकास पर केंद्रित दिखाई देता है। सरकार ने बिना नया कर लगाए बड़े पैमाने पर खर्च का खाका तैयार किया है। अब देखना होगा कि इन योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर किस तरह पहुंचता है और राज्य की आर्थिक स्थिति पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।