प्रदेश के शिवपुरी में अश्लील वीडियो कॉल रिकार्ड कर 2.50 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़। 20 आरोपी गिरफ्तार, कई फरार। लग्जरी कार, मोबाइल और मकान की रजिस्ट्री जब्त। जानिए क्या है पूरा मामला...

शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लोगों को अश्लील चैटिंग और वीडियो कॉल के जाल में फंसाकर करोड़ों रुपए ऐंठ रहा था। यह गिरोह पहले फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करता था, फिर अश्लील बातचीत और वीडियो कॉल के जरिए उन्हें जाल में फंसाता था। बाद में उन्हीं वीडियो की रिकॉर्डिंग दिखाकर पीड़ितों को बदनाम करने और गंभीर कानूनी मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अब तक लगभग 2.50 करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया है। 

लग्जरी कारें और अन्य सामान जब्त
कार्रवाई के दौरान 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से कई लग्जरी कारें, एक बाइक, दर्जनों मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, नकदी और एक आलीशान मकान की रजिस्ट्री जब्त की गई है। बताया जा रहा है कि एक आरोपी ने ठगी से कमाए पैसों से शानदार घर बनवाया था, जिसकी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। इस मामले में अमन सिंह राठौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले एक सप्ताह में साइबर अपराध से जुड़ी चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं। 

20 लोग गिरफ्तार, कई अब भी फरार
जांच के बाद अलग-अलग थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर 20 आरोपियों को पकड़ा। करैरा, भौती और अन्य थानों की टीमों ने दबिश देकर इस गिरोह को बेनकाब किया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कई अनजान मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करते थे, जो एपीके फाइल के माध्यम से डाउनलोड किए जाते थे। ये एप्स आमतौर पर ऑनलाइन चैटिंग की तलाश कर रहे लोगों को आकर्षित करते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इन प्लेटफॉर्म पर जुड़ता, आरोपी फर्जी पहचान के साथ उससे संपर्क करते और धीरे-धीरे अश्लील बातचीत की ओर ले जाते। बातचीत और वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग कर ली जाती थी। 

पुलिस अफसर बनकर करते थे वसूली
इसके बाद गिरोह के सदस्य खुद को पुलिस अधिकारी या जांच एजेंसी का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित को कॉल करते थे। उन्हें बताया जाता था कि उनके खिलाफ बलात्कार, अश्लील सामग्री प्रसारित करने या बाल अपराध जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए जा सकते हैं। इसके बाद उनसे समझौते के नाम पर मोटी रकम मांगी जाती थी। बदनामी और कानूनी झंझट के डर से कई लोग रकम ट्रांसफर कर देते थे।

यह मामला इस बात की चेतावनी है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से जुड़ना कितना जोखिम भरा हो सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान एप या प्रोफाइल से सावधान रहें और इस तरह की धमकी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।