15:49 PM(24 minutes ago )
वरिष्ठ कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने मध्य प्रदेश के बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार आम जनता को राहत देने में असफल रही है। उन्होंने विशेष रूप से बिजली दरों का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि जब सरकार विकास और जनकल्याण की बात करती है, तो लोगों को 4 रुपए प्रति यूनिट बिजली क्यों नहीं उपलब्ध कराई जा रही। महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते खर्चों के बीच सस्ती बिजली आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती थी, लेकिन बजट में इस दिशा में ठोस कदम नजर नहीं आए। सिंघार ने कहा कि यह बजट जनता की वास्तविक जरूरतों से दूर है और इसमें गरीबों, किसानों तथा मध्यम वर्ग को पर्याप्त राहत नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर राहत देने वाली नीतियों जान-बूझ कर टाली जा रही हैं, जिससे लोगों में निराशा बढ़ रही है।
15:40 PM(32 minutes ago )
पीएम नरेंद्र मोदी ने 2026-27 के मध्य प्रदेश बजट को आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को सुदृढ़ करने वाला और जनभावनाओं से जुड़ा एक दूरदर्शी, समावेशी तथा ऐतिहासिक बजट बताया है। उन्होंने कहा यह बजट विकास के विश्वास को मजबूत करता है और समावेशी विकास, आर्थिक सशक्तिकरण तथा सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता देता है। पीएम मोदी ने बजट को देश के हर वर्ग की आशाओं को स्वर देने वाला बताया। समावेशी विकास: यह बजट समाज के सभी वर्गों के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देता है। विकसित मध्य प्रदेश: यह बजट आत्मनिर्भरता के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य (2047) को प्राप्त करने में सहायक होगा। युवा और तकनीकी: बजट में युवा शक्ति, एआई तकनीक और नवाचार पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा। महिलाएं और किसान: इसमें ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और किसानों के कल्याण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
15:38 PM(35 minutes ago )
प्रदेश सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार के बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाला संतुलित और विकासोन्मुख बजट है। बजट में गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और मध्यम वर्ग की जरूरतों-आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से आधारभूत संरचना, सड़क निर्माण, रोजगार सृजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ते निवेश को राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। राकेश सिंह ने कहा बजट वर्तमान जरूरतों पर ही केंद्रित नहीं नहीं है, बल्कि भविष्य के विकास की मजबूत नींव भी रखता है। उन्होंने कहा बजट प्रवधानों से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी, निवेश बढ़ेगा और आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
15:28 PM(44 minutes ago )
वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने अपने बजट भाषण में कविताओं और दोहों का जमकर इस्तेमाल किया। उन्होंने शुरुआत एक संस्कृत श्लोक से की जिसका आशय था-राजा का सुख प्रजा के सुख में और उसका हित प्रजा के हित में ही निहित होता है। उन्होंने कहा-प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम। उन्होंने विषयों-रोजगार, महिलाओं के अधिकार, युवाओं के अवसर, जल-सुविधा, स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याण से जुड़ी प्राथमिकताओं पर विस्तार से बात की। उन्होंने गरीब कल्याण पर रहीम के दोहे का उल्लेख करते हुए कहा दीन सबन को लखत है, दीनहिं लखई न कोय, जो रहीम दीनहि लखय, दीनबंधु सम होय। उन्होंने उपलब्धियों के संदर्भ में सरकार की पहचान सच्चा वादा, पक्का काम बताया। किसान, गरीब, युवा और आधारभूत संरचना विकास को समृद्ध मध्य प्रदेश की दिशा में महत्वपूर्ण बताया, जहां परिश्रम, तकनीक, अवसर और संकल्प से प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है।
14:51 PM(1 hour ago )
वरिष्ठ कांग्रेस और पूर्व सीएम कमलनाथ ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर बजट को लेकर तीखा हमला बोला और विधानसभा चुनाव से पहले किए गए चार प्रमुख वादों की याद दिलाई। उन्होंने कहा-किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल और गेहूं का 2700 रुपये प्रति क्विंटल देने, लाड़ली बहन योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये प्रदान करने तथा घरेलू गैस सिलेंडर 450 रुपये में उपलब्ध कराने का वादा किया गया था। इन घोषणाओं को बजट में स्थान नहीं दिया गया है, जिससे सरकार की वादा-खिलाफी उजागर होती है। पिछले बजट की कई घोषणाएं अब तक पूरी नहीं हुईं। कमलनाथ के अनुसार इस बजट से मध्य प्रदेश की जनता को भारी निराशा हुई है और यह जनविरोधी सोच को दिखाता है।
14:08 PM(2 hours ago )
भोपाल चेंबर आफ कामर्स के उपाध्यक्ष आदित्य मनिया जैन ने कहा कि प्रदेश सरकार के सामने इस समय सबसे बड़ी वित्तीय चुनौती बढ़ते कर्ज और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन साधने की है। प्रदेश का कुल कर्ज लगभग 4.94 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि बजट का आकार लगभग 4.38 लाख करोड़ रुपये का है। इसका अर्थ है कि राज्य की आय का बड़ा हिस्सा ब्याज भुगतान और पुराने ऋण चुकाने में खर्च होता रहेगा। भारी कर्ज की वजह से नई विकास योजनाओं के लिए वित्तीय गुंजाइश सीमित हो जाती है। सरकार पर एक ओर सामाजिक योजनाओं, रोजगार सृजन, किसान सहायता और लाड़ली बहना योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने का दबाव है, वहीं दूसरी ओर 2028 के सिंहस्थ से जुड़े बुनियादी ढांचे और व्यवस्थाओं पर भी भारी खर्च अपेक्षित है। ऐसे में वित्तीय अनुशासन और संसाधन प्रबंधन अत्यंत आवश्यक हो जाता है।
13:44 PM(2 hours ago )
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास दृष्टिकोण से जोड़ते हुए कहा कि मध्यप्रदेश तेज़ी से प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए GYAN मंत्र यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी-को राज्य सरकार ने और व्यापक बनाते हुए इसमें दो अतिरिक्त आयाम जोड़े हैं, जिससे GYANI-II मॉडल तैयार हुआ है। मुख्यमंत्री के अनुसार इसमें शामिल दो I औद्योगिक विकास (Industry) और बुनियादी ढांचा (Infrastructure) को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट इसी मार्गदर्शक सिद्धांत पर आधारित है, जिसका उद्देश्य समावेशी विकास और आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करना है।
यह बजट केवल एक वर्ष की योजना नहीं बल्कि रोलिंग बजट के रूप में तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से अगले दो वर्षों के विकास कार्यों की रूपरेखा तय की जाएगी। इसे वर्ष 2047 के अमृतकाल को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक विकास मानकों से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष का कुल बजट आकार लगभग 4,38,317 करोड़ रुपये है। साथ ही 2026-27 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) करीब 18,48,274 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष के अनुमान की तुलना में लगभग 10.69 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है, जो राज्य की आर्थिक गतिविधियों में विस्तार का संकेत है।
13:35 PM(3 hours ago )
आंकड़ों को देखें तो प्रदेश पर पिछले 5 सालों में कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया है। 31 मार्च 2022 तक राज्य पर लगभग 2.95 लाख करोड़ रुपए का कर्ज था। जो 31 मार्च 2023 तक यह बढ़कर 3.31 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो लगातार बढ़ते सरकारी खर्च और वित्तीय आवश्यकताओं को दर्शाता है। 31 मार्च 2024 तक राज्य का कर्ज 3.75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। 12 मार्च 2025 के आसपास यह बढ़कर 4.26 लाख करोड़ रुपए हो गया।
कर्ज बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे विकास परियोजनाओं पर खर्च, बुनियादी ढांचा निर्माण, सामाजिक योजनाएं, किसानों और गरीबों के लिए सहायता योजनाएं तथा राजस्व और व्यय के बीच बढ़ता अंतर। सरकारें अक्सर विकास कार्यों को जारी रखने के लिए उधार लेती हैं। सूबे के खजाने पर कर्ज की राशि बढ़कर 4.94 लाख करोड़ के चिंताजनक आंकड़े तक पहुंच गई है। स बार राज्य सरकार ने लगभग 4.38 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया है, जो कर्ज की तुलना में कहीं कम हैै।
13:29 PM(3 hours ago )
मध्यप्रदेश सरकार का बजट पिछले 5 सालों में लगातार बढ़ा है। वित्तीय वर्ष 2022–23 में राज्य का बजट लगभग 2.47 लाख करोड़ रुपए था। इसके बाद 2023–24 में यह बढ़कर 3.14 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो राज्य की विकास योजनाओं और सार्वजनिक खर्च में वृद्धि का संकेत देता है। वित्तीय वर्ष 2024–25 में बजट और बढ़कर 3.65 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। 2025–26 में इसमें फिर वृद्धि हुई और यह 4.21 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इस बार राज्य सरकार ने 4 38 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया है, जो राज्य की आर्थिक विस्तार क्षमता और विकास प्राथमिकताओं को दिखाता है।
13:23 PM(3 hours ago )
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने वाला बजट है। हर नारी को न्याय देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। हम देश के तीसरे युवा प्रदेश हैं। युवाओं के हाथ को काम मिले ये हमारा संकल्प है। इसके साथ ही, इस दौरान उन्होंने 8वीं तक के बच्चों को फ्री टेट्रा पैक दूध देने की घोषणा की। बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है।
13:19 PM(3 hours ago )
वित्त मंत्री देवड़ा ने जी रामजी के लिए बजट में 10428 करोड़, पीएम जनमन के लिए 900 करोड़, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40 हजार 62 करोड़ रुपए का प्रवधान किए जाने ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के 1 लाख किसानों को सोलर पंप देने की घोषणा भी की। वित्तमंत्री देवड़ा ने कहा प्रदेश में बेहतर शिक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा प्रदेश में 15 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
13:14 PM(3 hours ago )
प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को डॉ. मोहन यादव सरकार का 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ का तीसरा बजट पेश किया। देवड़ा ने करीब 1 घंटे 30 मिनट के भाषण में सबसे बड़ी घोषणा महिलाओं को लेकर की। उन्होंंने लाड़ली बहनों के लिए 23,882 करोड़ के प्रावधान का ऐलान किया।
12:56 PM(3 hours ago )
किसानों को ऊर्जा लागत कम करने और सिंचाई सुविधा बेहतर करने के लिए लगभग 3000 करोड़ रुपए से 1 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे। मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु 412 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं, जिससे रोजगार और उत्पादन बढ़ेगा। ग्रामीण संपर्क सुधारने के लिए मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना हेतु 21,630 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। श्रमिकों के कल्याण और योजनाओं के संचालन के लिए श्रम विभाग को 1,335 करोड़ रुपए मिलेंगे।
सड़कों की मरम्मत और सुधार के लिए 12,690 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने हेतु 23,747 करोड़ रुपए का प्रावधान है, जबकि आयुष्मान योजना के लिए 2,149 करोड़ रुपए रखे गए हैं। सिंहस्थ आयोजन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए 3,060 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। नारी कल्याण योजनाओं के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपए और लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास को 793 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण जल आपूर्ति सुधारने के लिए 4,454 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40,062 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 6,850 करोड़ रुपए निर्धारित हैं। पर्यावरण संरक्षण, वन क्षेत्र और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी अलग बजट रखा गया है। लगभग 7.95 लाख छात्रों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। औद्योगिक विकास और निवेश बढ़ाने के लिए आईटी व औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
12:41 PM(4 hours ago )
बजट के दौरान सदन में कांग्रेस विधायकों ने विधायक निधि नहीं बढ़ाने के कारण बजट भाषण के दौरान भारी हंगामा किया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधायकों को अपनी सीट पर जाने के निर्देश दिए। कांग्रेस विधायक सरकार पर कर्ज के विरोध में खाली डिब्बे और गुल्लक लेकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य का कर्ज लगातार बढ़ रहा है। विरोध के दौरान कांग्रेस नेताओं ने तख्तियां पकड़ी हुई थीं, जिन पर लिखा था कि कर्ज बजट से ज्यादा है, फिर आप कहते हैं कि सब ठीक है। इस दौरान कांग्रेस विधायक लगातार हंगामा करते रहे। स्पीकर के बार-बार समझाने के बाद भी हंगामा जारी रहा। इस बीच, वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा बजट स्पीच पढ़ रहे हैं।
12:36 PM(4 hours ago )
वित्त मंत्री ने कहा- धार्मिक और सामाजिक योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद लोगों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ मिल सके। वहीं, धर्म और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार ने 2 हजार 55 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है।
पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए डिजिटल वर्किंग को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। इसके तहत अब तक 14 लाख से अधिक ई-समन और वारंट जारी किए जा चुके हैं। साथ ही, पुलिसकर्मियों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने के लिए 25 हजार टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता लाई जा सकेगी।
राज्य सरकार ने आगामी सिंहस्थ आयोजन की तैयारियों के लिए अब तक 13 हजार 851 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 के बजट में सिंहस्थ के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जिससे अधोसंरचना, यातायात, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा।
12:35 PM(4 hours ago )
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पुलिसकर्मियों के लिए 11000 नए आवास बनाए गए हैं। 1 अप्रैल 2026 से परिवार पेंशन के अंतर्गत तलाक शुदा पुत्री को भी परिवार पेंशन देने का फैसला लिया गया है।