बाइक सवार दो नकाबपोशों ने दिया वारदात को अंजाम। हमले के वक्त चेयरमैन का परिवार चंडीगढ़ में था, जबकि घर पर मौजूद घरेलू सहायक ने छिपकर अपनी जान बचाई।

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र का लाडवा इलाका बुधवार रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। यहां एक प्रतिष्ठित कॉलेज के चेयरमैन रजनीश बंसल के पुश्तैनी घर को निशाना बनाकर दो नकाबपोशों ने अंधाधुंध फायरिंग की। हमलावरों ने एक के बाद एक करीब 18 गोलियां दागीं, जिससे पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया। गनीमत यह रही कि वारदात के समय घर में परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। 

आधी रात को बाइक सवारों ने बोला हमला
घटना बुधवार देर रात लगभग 12 बजे की है। लाडवा की अग्रवाल कॉलोनी में स्थित देवी मंदिर के सामने रजनीश बंसल का निवास स्थान है। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस जांच के अनुसार एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो नकाबपोश अपराधी वहां पहुंचे। उन्होंने घर के मुख्य दरवाजे और दीवारों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग सहम गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से रफूचक्कर हो गए। 

घर में अकेला था नौकर, डर के मारे नहीं निकला बाहर 
जिस समय यह हमला हुआ, चेयरमैन रजनीश बंसल का परिवार चंडीगढ़ में था। लाडवा स्थित घर की सुरक्षा और देखभाल के लिए उन्होंने ओम प्रकाश नाम का नौकर रखा हुआ है। रात के समय ओम प्रकाश घर के भीतर सो रहा था। गोलियों की आवाज सुनकर वह बुरी तरह घबरा गया और अपनी जान बचाने के लिए अंदर ही दुबका रहा। फायरिंग के कारण घर की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए और दीवारों पर गोलियों के गहरे निशान बन गए। 

पड़ोसियों के घर तक पहुंचे गोलियों के खोल
इस हमले की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गोलियों के खाली खोल पड़ोसियों के आंगन तक जा गिरे। पड़ोस में रहने वाले वीरेंद्र कुमार ने बताया कि वह रात करीब 12 बजे अपने काम से लौटे थे। महज 15-20 मिनट बाद ही उन्हें बाहर तेज धमाकों जैसी आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने हिम्मत जुटाकर बाहर देखा, तो उनके घर के आंगन में कारतूसों के खोल बिखरे पड़े थे। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और बंसल परिवार को दी। 

पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
लाडवा थाना प्रभारी (SHO) गुरनाम सिंह के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह मामला 'रंगदारी' (Extortion) से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। रजनीश बंसल को पिछले काफी समय से फिरौती के लिए धमकी भरे फोन कॉल आ रहे थे। इन्ही धमकियों के मद्देनजर उन्हें चंडीगढ़ और पंचकूला प्रशासन की ओर से सुरक्षा (Security) भी मुहैया कराई गई है। हालांकि, लाडवा स्थित उनके इस घर पर उस समय कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं था, जिसका फायदा बदमाशों ने उठाया। 

रजनीश बंसल शिक्षा जगत का बड़ा नाम 
रजनीश बंसल शिक्षा जगत का एक बड़ा नाम हैं। वह हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के काला-अंब में स्थित 'हिमालयन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूशंस' (HGPI) के चेयरमैन हैं। यह संस्थान 'मां सरस्वती एजुकेशनल ट्रस्ट' द्वारा चलाया जाता है, जहां इंजीनियरिंग, लॉ, नर्सिंग और फार्मेसी जैसे बड़े कोर्स कराए जाते हैं। उनके भाई विकास बंसल इस ग्रुप के वाइस चेयरमैन हैं। इतने बड़े कारोबारी समूह से जुड़े होने के कारण ही वे लंबे समय से अपराधियों के निशाने पर हैं। 

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही टीमें
वारदात की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी निर्मल सिंह, एसएचओ गुरनाम सिंह और सीआईए (CIA) की विशेष टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और गोलियों के निशानों की मैपिंग की है।
• CCTV सर्विलांस : पुलिस कॉलोनी और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है ताकि बदमाशों के आने-जाने के मार्ग का पता लगाया जा सके।
• बयान दर्ज : पीड़ित परिवार चंडीगढ़ से लाडवा पहुंच चुका है। पुलिस उनके बयान और पुरानी धमकियों के रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
• नाकाबंदी : जिले की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। 

इलाके में भारी रोष 
चेयरमैन के घर पर हुए इस हमले के बाद स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि अगर रसूखदार लोगों के घर भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी का क्या होगा? पुलिस ने आश्वासन दिया है कि हमलावरों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जाएगा। 

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