कांग्रेस ने अंबाला में एससी वार्डों की संख्या घटाने और वार्डबंदी की अधिसूचना को दोबारा जारी करने की मांग उठाई थी। अदालत के फैसले के बाद सोनीपत, पंचकूला, अंबाला नगर निगम सहित रेवाड़ी, उकलाना, धारूहेड़ा और सांपला में 10 मई को मतदान का रास्ता साफ हो गया है।

हरियाणा में आगामी नगर निगम और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर चल रही कानूनी जंग में कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य में निकाय चुनावों पर रोक लगाने की मांग वाली कांग्रेस की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि चूंकि चुनाव की तारीखों का औपचारिक ऐलान हो चुका है, इसलिए इस चरण में न्यायिक हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा।

वार्डों के नए सिरे से निर्धारण की मांग 
कांग्रेस ने अपनी याचिका में वार्डबंदी की अधिसूचना को लेकर सवाल उठाए थे। विपक्षी दल की मांग थी कि वर्तमान अधिसूचना को रद्द कर वार्डों का सीमांकन नए सिरे से किया जाए और इसके बाद ही मतदान प्रक्रिया शुरू हो। बुधवार को इस मामले पर शुरुआती चर्चा हुई थी, जिसके बाद केस को दूसरी बेंच को भेज दिया गया था। गुरुवार को जस्टिस एचएस सेठी और जस्टिस यशवर्धन राठौड़ की खंडपीठ ने मामले की विस्तृत सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान पंचकूला के पूर्व चेयरमैन और अधिवक्ता रविंद्र रावल ने दलीलें पेश कीं, जिसमें अंबाला में एससी (SC) आरक्षित वार्डों की संख्या कम करने जैसे मुद्दे भी शामिल थे। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को सुनने के बाद कहा कि चुनावी बिगुल बज चुका है और अब समय सीमा निकल जाने के कारण पूरी प्रक्रिया को रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के हित में नहीं है। 

10 मई को होगा मतदान, 13 मई को आएंगे नतीजे 
अदालत के इस फैसले के साथ ही अब राज्य के 7 प्रमुख शहरों में चुनावी सरगर्मी और तेज हो जाएगी। घोषित कार्यक्रम के अनुसार सोनीपत, पंचकूला और अंबाला नगर निगमों के साथ-साथ रेवाड़ी नगर परिषद, और उकलाना, धारूहेड़ा व सांपला नगर पालिकाओं के लिए 10 मई को वोट डाले जाएंगे। 
चुनाव की मुख्य तिथियां इस प्रकार हैं। 
• नामांकन प्रक्रिया शुरू: 21 अप्रैल
• मतदान की तिथि: 10 मई
• परिणामों की घोषणा: 13 मई 
इसी दिन पंचायती राज के रिक्त 528 पदों, जिनमें सरपंच, पंच और ब्लॉक समिति सदस्य शामिल हैं, के लिए भी उपचुनाव और मतगणना संपन्न होगी। 

आचार संहिता लागू, EVM से होगी वोटिंग
राज्य चुनाव आयुक्त के निर्देशों के अनुसार, संबंधित क्षेत्रों में आदर्श चुनाव आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। इस बार के चुनावों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी देखने को मिलेंगे। मतदान के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का प्रयोग किया जाएगा, लेकिन इस बार वीवीपैट (VVPAT) मशीनों का इस्तेमाल नहीं होगा।
इसके अतिरिक्त, मतपत्रों में नोटा (NOTA) का विकल्प मौजूद रहेगा, हालांकि निकाय चुनाव के नियमों के तहत इसके वोटों का अंतिम परिणाम पर निर्णायक प्रभाव नहीं पड़ेगा। प्रशासन ने चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के लिए मानदेय की दरों में भी वृद्धि की है, जिसे अब केंद्रीय चुनाव आयोग के मानकों के बराबर कर दिया गया है। अदालत के इस फैसले के बाद अब सभी राजनीतिक दलों ने अपनी जमीनी तैयारी और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। 

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