शाम 4:30 बजे कानपुर का रहने वाला युवक अपनी बाइक से ऑर्डर देने जा रहा था। तभी सिग्नल पर ट्रक ने अचानक राइट टर्न लिया। खुद को बचाने की कोशिश में कृष्ण की बाइक फिसल गई और वह ट्रक के नीचे आ गया।

हरियाणा के साइबर सिटी गुरुग्राम के उद्योग विहार स्थित सेक्टर 19 के पीपल वाला चौक पर अनियंत्रित ट्रक ने ऑनलाइन डिलीवरी पार्टनर को कुचल दिया। इस भीषण दुर्घटना में कानपुर के कृष्ण गुप्ता की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसने सड़क सुरक्षा और ड्राइवरों की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 शनिवार शाम 4:30 बजे हुआ हादसा 
मृतक कृष्ण गुप्ता गुरुग्राम में किराए के मकान में रहकर ब्लिंकिट (Blinkit) कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय के तौर पर काम करता था। शनिवार की शाम लगभग 4:30 बजे, जब वह एक ऑर्डर पहुंचाने के लिए अपनी बाइक से निकला था, तभी काल बनकर आए एक ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। पीपल वाला चौक के पास ट्रैफिक सिग्नल पर ट्रक चालक ने अचानक बिना किसी संकेत के दाहिनी ओर (Right Turn) गाड़ी मोड़ दी। ट्रक को अचानक मुड़ते देख कृष्णा ने खुद को बचाने के लिए इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन उसकी बाइक फिसल गई और वह सीधे ट्रक के भारी भरकम टायरों के नीचे जा गिरा। 

रुकने के बजाय दोबारा चढ़ाया ट्रक 
इस हादसे की सबसे विचलित करने वाली बात ट्रक चालक का व्यवहार रही। प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार जब कृष्णा ट्रक के नीचे फंसा तो ड्राइवर ने गाड़ी रोकने की जहमत नहीं उठाई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कृष्णा अपनी जान बचाने के लिए चीख रहा था और हाथ-पैर मार रहा था, लेकिन चालक ने क्रूरता दिखाते हुए ट्रक को पीछे किया और फिर दोबारा उसके ऊपर चढ़ा दिया। इस अमानवीय कृत्य से युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। 

चालक की लापरवाही सीसीटीवी में कैद 
पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि ट्रक चालक ने ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाईं। वीडियो इतना भयावह है कि उसे देख पाना मुश्किल है। फुटेज में बाइक और कृष्ण दोनों ही ट्रक के पहियों के नीचे कुचले जाते दिख रहे हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने पुलिस को सूचित किया। उद्योग विहार थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रक को जब्त कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। 

10 मिनट की डिलीवरी की होड़ और जोखिम में जान 
गुरुग्राम जैसे महानगर में इस समय लगभग एक लाख से अधिक युवा डिलीवरी बॉय के रूप में कार्यरत हैं। ब्लिंकिट, जोमैटो, स्विगी और इंस्टामार्ट जैसी कंपनियां 'क्विक कॉमर्स' के नाम पर 10 से 15 मिनट में डिलीवरी का वादा करती हैं। जानकारों का मानना है कि समय सीमा का यह दबाव इन युवाओं को तेज और जोखिमभरी ड्राइविंग के लिए मजबूर करता है। कृष्णा भी इसी व्यवस्था का हिस्सा था, जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए सड़कों पर दौड़ रहा था।

परिवार का बुझ गया चिराग 
कानपुर का रहने वाला कृष्णा अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था और परिवार की आर्थिक उम्मीदों का केंद्र था। उसके भाई ने रुंधे गले से बताया कि कृष्णा की मौत ने पूरे घर को उजाड़ दिया है। परिजनों ने प्रशासन से न्याय की मांग की है और आरोपी ड्राइवर के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की अपील की है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए कानपुर ले गए हैं।

पुलिस की कार्रवाई और जांच 
उद्योग विहार थाना पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में यह स्पष्ट है कि दुर्घटना ट्रक चालक की तेज रफ्तार, लापरवाही और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि ट्रक के नंबर के आधार पर मालिक की पहचान हो गई है और फरार ड्राइवर की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए haribhoomi.com के साथ।