Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से उन्नाव रेप केस के मामले में सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्नाव रेप पीड़िता की याचिका को खारिज कर दिया है। पढ़िए पूरी खबर...

Delhi High Court: यूपी उन्नाव रेप केस मामले की सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को उन्नाव रेप पीड़िता के द्वारा कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ डाली गई याचिका को खारिज कर दिया। पीड़िता ने इस याचिका के माध्यम से कोर्ट से मांग की थी कि उनके पिता की पुलिस कस्टडी में हत्या के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की सजा को बढ़ाया जाए।

पीड़िताने मांग की थी कि पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को उनकी पिता की हत्या के मामले में मौत की सजा मिले। मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच ने कहा कि पीड़िता ने 1945 दिनों तक इस मामले को नहीं उठाया। अदालत ने साफ किया कि अगर कोई व्यक्ति अपने मामले के प्रति सतर्क नहीं है, तो ऐसी स्थिति में वह पर्याप्त राहत की मांग नहीं कर सकता। दिल्ली हाईकोर्ट ने आगे कहा कि अगर वह फिर से इस मामले को उठाती हैं तो उनके पास सुप्रीम कोर्ट के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचेगा।

उन्नाव रेप पीड़िता का आरोप है कि उसके पिता को कुलदीप सिंह सेंगर के कहने पर गिरफ्तार कराया गया था, जिससे 9 अप्रैल साल 2018 में पीड़ित लड़की के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। इसके बाद दिसंबर साल 2019 में कुलदीप सिंह सेंगर को नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने और पीड़िता के पिता की पुलिस कस्टडी में हुई मौत के मामले में दोषी माना गया। कुलदीप सिंह सेंगर को रेप के आरोप में उम्र कैद की सजा सुनाई गई। इसके अलावा रेप पीड़िता के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत के मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को 10 साल की सजा सुनाई गई।

पीड़ित लड़की ने अपने पिता की कस्टडी में हत्या के मामले में दोषी की सजा को 10 साल से बढ़ाकर मौत की सजा सुना सुनाने की अपील की थी। जिसे दिल्ली हाईकोर्ट ने आज खारिज कर दिया है। बताया जा रहा है कि अदालत ने पाया कि कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने की समयसीमा साल 2022 में खत्म हो गई थी।