Delhi ISI Module: दिल्ली पुलिस ने ISI मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करके मॉड्यूल में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है।

Delhi ISI Module: दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के ISI एजेंट शहजाद भट्टी से जुड़े एक क्रिमिनल मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मॉड्यूल से जुड़े 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों पर आरोप है कि इन्होंने दिल्ली-NCR इलाके में कई टारगेटेड किलिंग और शूटिंग करने की योजना बनाई थी।

लेकिन पुलिस ने आरोपियों के मंसूबों को सफल होने से पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भर्ती किया गया गया था। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।  

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 21 साल के राजवीर और 19 वर्षीय विवेक बंजारा के तौर पर हुई है। दोनों आरोपी मध्यप्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं। स्पेशल सेल के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस प्रवीण कुमार त्रिपाठी का कहना है कि यह ऑपरेशन इंटेलिजेंस के आधार पर किया गया था।

उन्होंने आगे कहा स्पेशल सेल को सूत्रों के हवाले से पता लगा था कि पाकिस्तान का गैंगस्टर शहजाद भट्टी और दूसरे ISI एजेंट, भारत में अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर दिल्ली-NCR इलाके और आसपास के इलाकों में ग्रेनेड हमले और टारगेटेड किलिंग करने की योजना बना रहे थे।  

विवेक बंजारा 16 अप्रैल को हुआ था गिरफ्तार

बता दें कि पुलिस ने 16 अप्रैल को मध्य प्रदेश के डबरा से विवेक बंजारा, नन्हे सिंह के बेटे को गिरफ्तार किया था। विवेक बंजारा को 5 दिन के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया था। विवेक से पूछताछ और दूसरे सोर्स से मिली जानकारी के आधार पर 18 अप्रैल को उसी मॉड्यूल के मुख्य आरोपी राजवीर को  दिल्ली के सराय काले खां इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया था। हैंडलर शहजाद भट्टी के कहने पर आरोपियों ने दिल्ली/NCR इलाके के एक बड़े होटल में शूटिंग की योजना बनाई थी।  

सोशल मीडिया के जरिए संपर्क बना

जांच में सामने आया था कि राजवीर को शहजाद भट्टी के साथी 'राणा भाई' नाम के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया के जरिए भर्ती किया था। इसके बाद राजवीर ने  विवेक बंजारा को भर्ती किया और उसे 'राणा भाई' और शहजाद भट्टी से मिलवाया।  इसके बाद मार्च 2026 में शहजाद भट्टी के कहने पर राजवीर ने विवेक को हथियार लाने के लिए अहमदाबाद भेजा था।

जहां पर भट्टी ने विवेक के रहने का प्रबंध कर दिया था, जिस पर 5,000 खर्च हुए, लेकिन हथियार डिलीवर नहीं हो पाए। पुलिस ने आगे कहा कि शहजाद भट्टी के कहने पर राजवीर और विवेक बंजारा 9 अप्रैल को अमृतसर गए, जहां उन्होंने एक पिस्टल, 15-20 जिंदा कारतूस और 20,000 बरामद किए। ये हथियार राजवीर को SAS नगर के जीरकपुर में एक क्लब में गोली चलाने के लिए दिए गए थे। क्लब को शहजाद भट्टी से रंगदारी की धमकियां मिली थीं।  

11 अप्रैल को क्लब पर फायरिंग

राजवीर ने 11 अप्रैल को क्लब में गोली चलाना शुरू कर दिया, लेकिन पिस्टल में मैकेनिकल खराबी के कारण मिशन पूरा नहीं कर सका। इस बीच विवेक ने घटना का एक वीडियो रिकॉर्ड करके शहजाद भट्टी को भेज दिया।  काम पूरा हो जाने के बाद राजवीर ने हथियार एक जगह छिपा दिया और दिल्ली लौटते समय शहज़ाद भट्टी को लोकेशन भेज दी।

आरोपियों के कब्जे से हथियार जब्त

दिल्ली आने के बाद राजवीर फरीदकोट गया और शहजाद भट्टी के भेजे एक आदमी से एक पिस्टल और 6 जिंदा कारतूस लिए। इसके बाद दिल्ली के बड़े होटल को टारगेट करने के इरादे से दिल्ली वापस आया, लेकिन मिशन पूरा कर पाता उससे पहले 18 अप्रैल को  सराय-काले खां इलाके में 1 पिस्टल और 6 जिंदा कारतूस के साथ उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के कब्जे से एक पिस्तौल, छह जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिसमें  अपराध से संबंधित वीडियो और वॉयस नोट शामिल हैं।