Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने शराब घोटाले के मामले में सीबीआई को बड़ी राहत दी है। वहीं दूसरी ओर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित अन्य आरोपियों को बड़ा झटका लगा है।

Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने शराब घोटाले के मामले CBI को बड़ी राहत दी है। CBI ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची थी। कोर्ट ने इस मामले में CBI की ओर से रखी गई तीन मांगों को स्वीकार कर लिया है। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित अन्य आरोपियों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।

कोर्ट ने CBI  इन 3 बातों को किया स्वीकार

  1. सबसे पहली बात तो यह कि दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई की याचिका को विचार योग्य मान लिया है। साथ ही ट्रयल कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुनवाई की सहमति दे दी है। सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से संक्षिप्त सुनवाई के दौरान इस मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी किया गया है। वहीं अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।
  2. दूसरा यह कि दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें आबकारी नीति में जांच करने वाले अधिकारियों पर विभागीय जांच की बात कही गई थी। जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि जांच एजेंसी और उसके अधिकारियों के खिलाफ जो भी टिप्पणियां की गई थी उन पर रोक लगाई जाती है।
  3. तीसरा हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि जब तक इस मामले में सीबीआई की जांच पर फैसला नहीं आ जाता, तब तक ट्रायल कोर्ट प्रवर्तन निदेशालय के मामले में आगे की सुनवाई नहीं करेगा।

केजरीवाल को लगा झटका

दरअसल अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित अन्य आरोपियों के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले को बड़ा झटका माना जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि 'आप' नेताओं और अन्य आरोपियों का ऐसा मानना था कि सीबीआई केस में आरोप मुक्त होने के बाद ईडी का केस भी कमजोर पड़ जाएगा। इस मामले पर बयान देते हुए खुद अरविंद केजरीवाल ने भी कहा था कि अब ईडी का केस भी खारिज हो जाएगा। लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट के स्टे के बाद न सिर्फ केजरीवाल बल्कि अन्य आरोपियों को भी अब इस मामले में लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।