सरगुजा जिले के मैनपाट में अवैध लकड़ी कटाई के दौरान नीलगिरी के पेड़ गिरने से तीन बिजली खंभे टूटे, सात तार क्षतिग्रस्त हुए और सड़क आधे घंटे बाधित रही।

आशीष कुमार गुप्ता- बतौली/सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में लकड़ी तस्करों की मनमानी जारी है। जहां बिना अनुमति ही इमारती लकड़ी नीलगिरी के विशाल पेड़ के कटाई के दौरान ग्राम वंदना ऊपरपारा में तीन बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होकर टूट गया है। बिजली के तार, खंभे, लकड़ी सड़क में आ गिरा  जिससे मैनपाट वंदना एकांगी मार्ग आधे घंटे के लिए अवरुद्ध हो गया था, जहां आनन फ़ानन में तस्कर रामाश्रय द्वारा कटाई में लगे हाइड्रा वाहन से लकड़ी और  खंभा को हटाकर मार्ग चालू कराया गया।

तस्करों की नजर छत्तीसगढ़ के शिमला मैनपाट में 
लकड़ी तस्करों की पैनी नजर छत्तीसगढ़ के शिमला मैनपाट में है जो हरियाली व खूबसूरती के लिए जाना जाता है जहां हजारों शैलानी हर रोज मैनपाट का भ्रमण के लिए आते है जहां वन विभाग भी मुस्तैद है इसके बावजूद लकड़ी तस्करों द्वारा लगातार बतौली के बाद मैनपाट में इमारती लकड़ी की तस्करी धड़ल्ले से की जाती है जहां यूपी सहित मैनपाट के ही चुनिंदा लोगों खुद तस्कर बन यूपी के तस्करों से मिलीभगत कर भोले भाले ग्रामीण जनों को अपने झांसे में लेकर हरे भरे पेड़ों की हर रोज बलि चढ़ाई जा रही है।

बिना अनुमति ही विशाल नीलगिरी पेड़ो को काट डाला
जहां आज खुद मैनपाट निवासी रामाश्रय यादव द्वारा 7 इमारती लकड़ी वंदना निवासी परशु पुरोहित को अपने झांसे में लेकर बिना अनुमति ही विशाल नीलगिरी पेड़ो को काट डाला। जिससे वंदना ऊपरपारा में सड़क किनारे लगे बिजली के तीन खंभे टूट कर क्षतिग्रस्त हो गए और जबकि कुल 7 बिजली के तार भी टूट कर पेड़ के साथ सड़क पर आ गिरा, जिससे मार्ग भी अवरुद्ध हो गया और पूरे इलाके में बिजली ठप हो गई। 

ग्रामीण जनों के शिकायत पर होती है कार्रवाई 
आपको बता दें कि, सरगुजा का मैनपाट भी लकड़ी तस्करों की चंगुल में आ चुका है। जहां नीलगिरी, सेमर के पेड़ो को अवैध कटाई अधिकारियों के नाक के नीचे की जा रही है। बड़ी अजीब विडंबना है कि, अधिकारी भी ग्रामीण जनों के शिकायत पर वन विभाग करवाई करती है। शिकायत ना होने पर ग्राम जज्गा में लगे बैरियर के सामने से ही हर रोज ट्रैकों में लदे इमरती लकड़ी यूपी भेजे जा रहे है ।  

एक पेड़ मां के नाम बना मजाक
लकड़ी तस्करों पर राज नेताओं की मेहरबानी आज एक पेड़ मां के नाम अभियान को ठेंगा दिखा रहा है जहां चंद पैसों की लालच में नेताओं सहित जिम्मेदार अधिकारी तस्करों पर कठोर कार्रवाई नहीं कर रहे है जिससे यूपी सहित लोकल तस्करों के हौंसले बुलंद है और पूरे सरगुजा में लकड़ी तस्करों की संख्या 200 से पार हो चुकी है, जो बिना मुसाफिरी दर्ज कराए आराम से गांव क्षेत्र में निवास कर रहे है। सूत्रों की माने तो तस्कर ग्रामीणों से 3-4 रुपए खरीद कर यूपी में 11 रुपए किलो में इमारती लकड़ी बेच कर मालामाल हो रहे है। 

सरगुजा वासियों के लिए चिंता का विषय
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लकड़ी तस्करी के आड़ में अधिकारियों को भी मोटी रकम दी जाती है, जो बीच बीच में लकड़ी वाहन को पकड़ने का कोरम पूरा करते है। फिर बाद में छोड़ दिया जाता है, इन तस्करों पर वन विभाग की कहे या राजस्व विभाग की मेहरबानी कहे जहां बिना डरे, बिना अनुमति के अवैध लकड़ी कटाई की जा रही है। जबकि एक पेड़ के पीछे फोटो खिंचवाते नेताओं के जमीर कब जागेंगे। इन तस्करों पर कब करवाई होगी, यह पूरे सरगुजा वासियों के लिए चिंता का विषय है।

नहीं ली गई एसडीएम से अनुमति
इस संबंध में एसडीएम राम सिंह ठाकुर ने कहा कि वंदना ग्राम के कोई भी ग्रामीण इमारती लकड़ी की कटाई का अनुमति नहीं ली गई है ग्रामीण सहित तस्कर पर शासकीय संपति को नुकसान पहुंचाने व बिना अनुमति अवैध इमारती लकड़ी कटाई करने पर कठोर करवाई की जाएगी

तस्कर के बिगड़े बोल
अवैध लकड़ी कटाई कर रहे रामाश्रय ने कहा कि, पेड़ काटने की अनुमति ली गई है बिजली विभाग को भी सूचना दिया गया था हमारा गलती नहीं है जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई की जाएगी इस संबंध में मैनपाट के बिजली विभाग के जे ई दीपक निकुंज ने कहा कि, ग्रामीण या लकड़ी कटाई कर रहे तस्करों द्वारा कोई सूचना नहीं दी गई है इन पर विभाग द्वारा कठोर कार्रवाई की जाएगी।