पोटा केबिन में खाना बनाते समय आग लगने से दो महिलाएं और दो बालिकाएं झुलस गईं। घटना में एक बालिका की हालत गंभीर बताई जा रही है। 

सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड अंतर्गत बालाटिकरा स्थित पोटा केबिन में खाना बनाते समय आग लगने से दो महिलाएं और दो बालिकाएं झुलस गईं। घटना में एक बालिका की हालत गंभीर बताई जा रही है। जिसका उपचार जिला चिकित्सालय सुकमा की बर्न यूनिट में जारी था, उस बच्ची को डिमरा पाल रिफर किया गया। 

बालाटिकरा पोटा केबिन में 25 वर्षीय महिला मल्लिका और 35 वर्षीय सोनादई भोजन बना रही थीं। इस दौरान पोटा केबिन में अध्ययनरत 13 वर्षीय बालिका जिया (पिता– तामे) एवं 12 वर्षीय बालिका अमृता को भी खाना बनाने के कार्य में लगाया गया था। भोजन तैयार करते समय अचानक आग भड़क उठी खिचड़ी की गंजा की कुण्डी टूट गई  जिसकी चपेट में आकर चारों झुलस गईं। घटना के बाद सभी घायलों को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला मल्लिका, सोनादई और बालिका अमृता को छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसी बालिका जिया की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे जिला चिकित्सालय सुकमा रेफर किया गया था। फिलहाल डिमरापाल हॉस्पिटल मे इलाज चल रहा है।  

छात्रावासों और पोटा केबिनों में रह रहे छात्रों से करवाया जाता है काम 
उल्लेखनीय है कि सुकमा जिला के आश्रमों, छात्रावासों और पोटा केबिनों में रहकर पढ़ाई कर रहे अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के बच्चों के साथ बंदुआ मजदूर की तरह कार्य कराया जाता है। जिस तरह से जिला के पोटाकेबिनो सत्ता दल के परिवारों को जिम्मेदारी दी गई है। तब से पुरे जिला के पोटाकेबिन आराजकता फैली हुई है। किसी को प्रशासन का डर भय नहीं है खुले आम भ्रष्टाचार को अंजाम देकर नोनिहाल के निवाले को छीन कर अपने राजनितिक आका को परोस रहे हैं। लापरवाह अधीक्षक से लेकर सभी कर्मचारी पर कार्यवाही होनी चाहिए कई दिनों से इस मामले को दबाने का कार्य किया गया। 

दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग 
प्रशासन से मांग करते है की निष्पक्ष जांच कर दोषी पर कार्यवाही हो. लेकिन वर्तमान में उचित निगरानी और देखरेख के अभाव में यहां रह रहे बच्चे दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। बालाटिकरा आवासीय पोटा केबिन की यह घटना भी इसी लापरवाही की ओर इशारा करती है, जहां नाबालिग बालिकाओं से रसोई का कार्य कराया गया, जिससे यह गंभीर हादसा हुआ। उक्त मामले में जिला प्रशासन से मांग है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी हो।