आकाश पवार - पेंड्रा। छत्तीसगढ़ के पेंड्रा जिले से एक चौंकाने वाली और चिंताजनक स्थिति सामने आई है, जहाँ NH-45 के चौड़ीकरण कार्य ने ग्रामीणों की जिंदगी को राहत देने के बजाय बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। ग्राम पंचायत जोगीसार में एक हैंडपंप अब सड़क के ठीक बीचों-बीच खड़ा है, जो हर गुजरते वाहन के साथ दुर्घटना की आशंका बढ़ा रहा है।
जो हैंडपंप कभी सड़क किनारे था, वह हाईवे चौड़ीकरण के बाद तेज रफ्तार वाहनों के बीच आ गया है। पानी भरने के लिए ग्रामीणों को सड़क के बीच उतरना पड़ता है, जहाँ जरा सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। यह दृश्य NH के निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही की गंभीर तस्वीर पेश करता है।
नया बोर फेल, यही एकमात्र सहारा
ग्रामीणों के अनुसार नया बोर सफल नहीं हुआ, जिसके कारण पूरे गांव के लिए यही हैंडपंप जीवनरेखा बना हुआ है। तेज आवाज़, हॉर्न और गुजरते भारी वाहनों के बीच पानी भरना ग्रामीणों के लिए रोजाना का डर और मजबूरी बन गया है।
रात में हादसों की आशंका दोगुनी
NH-45 का यह हिस्सा अभी निर्माणाधीन है, और हैंडपंप के आसपास रात के समय अंधेरा छा जाता है। दृश्यता कम होने के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है, जिससे ग्रामीणों में लगातार दहशत का माहौल है।
प्रशासन और PWD NH डिवीजन की खुली लापरवाही- ग्रामीण
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नेशनल हाईवे प्राधिकरण पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाकर तुरंत समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि यदि हैंडपंप को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जोगीसार की यह तस्वीर सिस्टम की संवेदनहीनता पर सवाल उठाती है, अब देखना होगा कि प्रशासन जागता है या किसी दुर्घटना का इंतजार करता है।