राज्य में एंटीबायोटिक के नकली दवा कारोबार का गोरखधंधा फूटा है। इस मामले में भाटापारा और सारंगढ़ के दो दवा कारोबारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। 

रायपुर। राज्य में एंटीबायोटिक के नकली दवा कारोबार का गोरखधंधा फूटा है। दिसंबर में गोगांव के गोल्डन ट्रांसपोर्ट में मिली दवा की जांच के चार महीने बाद इंदौर के सप्लायर, भाटापारा और सारंगढ़ के दो दवा कारोबारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। भाटापारा की प्रेम प्रकाश एजेंसी के संचालक सुरेन्द्र कामनानी ने सारंगढ़ के सरस्वती मेडिकल के संचालक खेमराम बानी के नाम से इंदौर के मां बिजायन मेडिकोज के संचालक रोचक अग्रवाल से दवा की सप्लाई करवाई थी।

जांच में पता चला कि एंटीबायोटिक महज एक पाउडर था। इस पर चेन्नई की किसी कंपनी का जिक्र था, जबकि इस नाम की कंपनी है ही नहीं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने ट्रांसपोर्ट में नकली दवा जब्त करने के बाद मिले बिल के आधार पर सरस्वती मेडिकल सारंगढ़ के संचालक खेमराम से पूछताछ की थी। इस दौरान उसके मोबाइल पर नकली दवा की तस्वीर मिली थी। इस आधार पर पूछताछ में यह पता चला था कि यह दवा भाटापारा के प्रेमप्रकाश एजेंसी के संचालक सुरेन्द्र कामनानी के माध्यम से इंदौर से मंगाई गई है।

भेजे गए जेल
जांच टीम इंदौर पहुंची और वहां के ट्रांसपोर्ट से मिले दस्तावेज के आधार पर मां बिजायन मेडिकोज (होलसेलर) के संचालक रोचक अग्रवाल तक पहुंची। उनसे प्रारंभिक पूछताछ के बाद टीम लौटी और अपने स्तर पर दवा के आर्डर, उसके भुगतान के सबूत तलाशा गया। इस इंवेस्टीगेशन में पुलिस की मदद ली गई। जांच पूरी होने के बाद सोमवार 13 अप्रैल को तीनों आरोपियों को ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेशकर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस मामले की जांच और इंवेस्टीगेशन में औषधि निरीक्षक नीरज साहू और ईश्वरी नारायण ने प्रमुख भूमिका निभाई।  

राज्य में तीसरे मामले में गिरफ्तार
नकली दवा के मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने तीसरे प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी की है। इसके पहले गरियाबंद में नकली कफ सिरप बेचने के मामले में मेडिकल स्टोर्स के संचालक के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उसके बाद रायगढ़ इलाके में नकली क्रीम के मामले में एक दवा कारोबारी को पकड़ा गया था। इस बार नकली एंटीबायोटिक के कारोबार में तीन दवा कारोबारी पकड़े गए हैं। 

एक जांच अधिकारी हुआ था निलंबित
नकली दवा के मामले में गिरफ्तार सारंगढ़ के कारोबारी खेमराम बानी के साथ राजधानी के एक रेस्टोरेंट में जांच अधिकारी संजय नेताम मीटिंग करते रंगे हाथ पकड़े गए थे। इस मामले में उनकी बैठक को संदेह के दायरे में रखते हुए निलंबित कर दिया गया था। इस प्रकरण की जांच को लेकर एफडीए की टीम पर विभिन्न तरह का दबाव था। चुनौतियों का सामना करते हुए टीम ने मामले की जांच पूरी करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की।

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