पंकज गुप्ते- बिलासपुर। प्रदेश भर के दिव्यांगों के सामाजिक सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर संसद में उठे सवाल के आंकड़ों पर छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई है। हाईकोर्ट चीफ जस्टिस के डिविजन बेंच ने सुनवाई के बाद शासन को नोटिस जारी कर 23 अप्रैल तक जवाब मांगा है।
दरअसल याचिकाकर्ता ऋतिक शर्मा ने अपने अधिवक्ता हमीदा सिद्दीकी के माध्यम से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा - की प्रदेश भर के 22 हजार से अधिक दिव्यांजनों की उपेक्षाएं हो रही है। उनके जीवन यापन के लिए सरकार द्वारा प्रतिमाह महज 291 रुपए ही दिए जा रहे है। जो आम जन के किसी भी एक व्यक्ति के एक दिन का भी खर्च नहीं है। जबकि, दिव्यांजनों के कई ऐसे उपकरण होते है जिन्हें वे खरीद भी नहीं सकते।
23 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
बड़ी बात तो यह है कि प्रदेश भर के स्कूल इन दिव्यांग बच्चों में से एक भी बच्चा राइट टू एजुकेशन के तहत किसी स्कूलों में पढ़ नहीं रहा। पूरे मामले में हाईकोर्ट ने शासन से जवाब मांगा है जिसकी अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी।