बतौली थाना क्षेत्र में मेला देखने जा रहे दो युवकों की बाइक दुर्घटना के बाद तेज रफ्तार बॉक्‍साइट लोड हाईवा ने एक युवक को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही मौत हो गई।

आशीष गुप्ता - बतौली। सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बिलासपुर में आयोजित मेले में पहुंचने से पहले दो युवक एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हो गए। बाइक से मेले जा रहे दोनों युवक सड़क पर गिरे, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार बॉक्‍साइट लोड हाईवा ने एक युवक को कुचल दिया। घटना इतनी भीषण थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

कैसे हुआ हादसा?
दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम महेशपुर निवासी अरविंद केरकेट्टा (22 वर्ष) अपने साथी पाटीपारा निवासी अमित एक्का (20 वर्ष) के साथ बिलासपुर में लगने वाले मेले को देखने निकले थे। शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच दोनों बाजारडांड़ के पास पहुंचे ही थे कि सामने से आ रही अज्ञात सफेद कार ने उनकी बाइक को तेज टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गई।

टक्कर के बाद बाइक चालक सड़क किनारे गिर गया जबकि पीछे बैठे अरविंद सड़क पर जा गिरे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही बॉक्‍साइड लोड हाईवा ने अरविंद को कुचल दिया, जिससे उनका शरीर कमर के ऊपर तक बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया।

हाईवा ड्राइवर गिरफ्तार, वाहन जब्त
हादसे की सूचना मिलते ही बतौली पुलिस मौके पर पहुंची और हाईवा वाहन क्रमांक CG 10 BJ 9907 को जप्त कर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी राजस्थान निवासी हकीम यादव (35 वर्ष) ने बताया कि बाइक चालक हाईवा को ओवरटेक कर रहा था और सामने से आई कार से टकराने के बाद बाइक सवार हाईवा के पिछले पहिए के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

अवैध रूप से दौड़ रहीं बॉक्‍साइट लोड हाईवा
बतौली-बगीचा मार्ग पर अवैध और ओवरलोड बॉक्‍साइट लोड हाईवा तेज रफ्तार में दौड़ रही हैं। जानकारी के अनुसार, जिस हाईवा ने युवक को कुचला, वह सीतापुर में अवैध रूप से भंडारित बॉक्साइट लेकर रांची स्थित हिंडाल्को फैक्ट्री की ओर जा रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि हाईवा की अनियंत्रित रफ्तार आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रही है।

धूल से बढ़ता खतरा, विभागीय लापरवाही चरम पर
बतौली-बगीचा राजकीय मार्ग पर किए जा रहे मरम्मत कार्य में पीडब्ल्यूडी द्वारा मुरूम की जगह मिट्टी का उपयोग किया गया है, जिससे सड़क पर लगातार धूल उड़ रही है। पानी का छिड़काव न होने से धूल और घनी हो रही है, जिसके कारण सड़क की दृश्यता कम हो जाती है। यही कारण है कि इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की संभावना लगातार बढ़ती जा रही है। मेले में लोगों की बढ़ी भीड़ के बीच यह धूल राहगीरों के लिए और भी बड़ा खतरा बन चुकी है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न कर रही है।

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