रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरूण साव असम दौरे के लिए रवाना हुए। उनके साथ वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और सांसद विजय बघेल भी चुनावी दौरे पर निकले। असम विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ नेताओं को चार लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसके लिए सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार की तैयारी में जुट गए हैं।
असम चुनाव को लेकर उपमुख्यमंत्री का बयान
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि, छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं को हमेशा अन्य राज्यों के चुनावों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलती है। इस बार भी उन्हें, तोखन साहू, विजय बघेल और ओपी चौधरी को एक-एक लोकसभा सीट की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि, असम अशांति से निकलकर विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और वहाँ भाजपा के पक्ष में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर चुनावी कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।
बीजेपी संयुक्त मोर्चा बैठक पर प्रतिक्रिया
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि, आज पार्टी की बड़ी संयुक्त मोर्चा बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा। बैठक में संगठन की आगामी गतिविधियों, जिम्मेदारियों और उनके बेहतर निर्वहन पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
जिलाध्यक्षों की परफॉर्मेंस के आधार पर तय होगी रैंकिंग
अरुण साव ने स्पष्ट कहा कि, जिलाध्यक्षों की रैंकिंग उनके प्रदर्शन के आधार पर तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले केंद्रीय नेताओं का परफॉर्मेंस, फिर प्रदेश स्तर और उसके बाद जिलाध्यक्षों के कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह कमजोर और दिशाहीन हो चुकी है और अब मुद्दा-विहीन हो गई है।
नक्सल मुक्त जिलों की सूची जारी
केंद्र सरकार द्वारा नक्सल मुक्त जिलों की सूची जारी किए जाने पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नक्सलवाद पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि देशभर में ड्रग्स और नशे के खिलाफ बड़ा अभियान चल रहा है और नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। बस्तर के विकास के लिए नक्सल मुक्त होना आवश्यक है और बचे हुए जिलों में तेज़ विकास की तैयारी की जा रही है।
21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि चुनाव आयोग ने व्यापक अभियान चलाकर घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन किया है। उन्होंने कहा कि 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा, जिससे सूची में और अधिक शुद्धता आएगी। यह लोकतंत्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
