अंबिकापुर जिला शिक्षा अधिकारी ने स्वरंग किड्स एकेडमी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एक बच्चे को केवल इसलिए एडमिशन नहीं दिया गया क्योंकि वह सरगुजिहा बोली बोलता था।

संतोष कश्यप - अंबिकापुर। अंबिकापुर में एक निजी स्कूल की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। स्थानीय बोली सरगुजिहा बोलने वाले बच्चे को प्रवेश देने से इनकार करने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने सख्त रुख अपनाया है और संबंधित स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, शहर के स्वरंग किड्स एकेडमी में एक बच्चे को केवल इसलिए एडमिशन नहीं दिया गया क्योंकि वह सरगुजिहा बोली बोलता था। मामला सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली।

शिक्षा विभाग की कार्रवाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के नियमों के खिलाफ है, जिसमें मातृभाषा और स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।

बंद करने की चेतावनी
नोटिस में उल्लेख किया गया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें मान्यता रद्द करने या स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय भी शामिल है। स्कूल को निर्देश दिया गया है कि वह जल्द से जल्द अपना जवाब प्रस्तुत करे।

मंत्री के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले में प्रदेश के शिक्षा मंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया और जांच प्रक्रिया शुरू की गई। विभाग अब स्कूल के जवाब का इंतजार कर रहा है।

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