NEET Student Death Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की मौत के मामले में अब पुलिस ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने का निर्णय लिया है। पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि जहानाबाद पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
दरअसल, छात्रा के पैतृक घर पर हाल ही में एक धमकी भरा पर्चा मिला था, जिसमें लिखा था कि 'ज्यादा तेज बनोगे तो मार दिए जाओगे'। इस घटना के बाद से छात्रा का परिवार दहशत में था और उन्होंने राज्य सरकार से सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
सीबीआई ने दारोगा से की घंटों पूछताछ
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच की कमान सीबीआई (CBI) के हाथों में है। सोमवार, 16 फरवरी को सीबीआई की टीम ने चित्रगुप्त नगर थाने की दारोगा रीना कुमारी को पटना कार्यालय बुलाकर लगभग 3 घंटे तक पूछताछ की।
जांच एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना के शुरुआती दिनों में साक्ष्यों को जुटाने और केस डायरी तैयार करने में पुलिस ने किन मानकों का पालन किया था। आने वाले दिनों में कदमकुआं और चित्रगुप्त नगर थाने के कुछ अन्य पुलिस अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
दरिंदगी की पुष्टि और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
छात्रा की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए इससे पहले एसआईटी (SIT) ने जांच की थी। फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के साथ दरिंदगी की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद संदिग्धों के डीएनए सैंपल भी लिए गए थे।
न्याय में हो रही देरी और सुरक्षा की चिंता को लेकर छात्रा के परिजनों ने 8 फरवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन भी किया था। परिजनों का आरोप है कि उन्हें डराने के लिए साजिशन खिड़की पर धमकी भरे पर्चे फेंके जा रहे हैं ताकि वे केस की पैरवी न कर सकें।
कड़ियों को जोड़ने में जुटी सीबीआई टीम
सीबीआई की टीम अब घटना के दिन के हालात और साक्ष्यों का मिलान कर रही है। रविवार को टीम ने जहानाबाद जाकर परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज किए और छात्रा से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण सामग्री अपने साथ ले आई। एजेंसी अब इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि जब 6 जनवरी को छात्रा की तबीयत बिगड़ी और उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, तो उस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों की क्या भूमिका थी। मामले की परतें खोलने के लिए सीबीआई सीन रिक्रिएट करने के बाद अब तकनीकी साक्ष्यों का सहारा ले रही है।
