बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ और तूफान से प्रभावित 2 लाख से ज्यादा किसानों के खाते में 113 करोड़ रुपये का मुआवजा ट्रांसफर किया है। जानें किन 13 जिलों के किसानों को मिला लाभ।

Bihar Farmer Compensation News: बिहार के किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के उन किसानों को आर्थिक मदद प्रदान की है जिनकी फसलें पिछले साल मौसम की मार के कारण बर्बाद हो गई थीं। शनिवार, 21 फरवरी को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में करोड़ों रुपये की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी गई।

संकल्प सभागार से डीबीटी के जरिए भेजी गई राशि
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को पटना स्थित 'संकल्प' सभागार से राज्य के 2 लाख 2 हजार से अधिक किसानों के बैंक खातों में कुल 113 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर की। यह भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किया गया है।

यह राशि उन किसानों को दी गई है जिन्हें साल 2025 में आई भारी बाढ़ और 'मोथा' तूफान के कारण अपनी फसलों से हाथ धोना पड़ा था।

इन 13 जिलों के किसानों को मिला लाभ
राज्य सरकार की इस योजना का लाभ बिहार के कुल 13 प्रभावित जिलों को मिला है। इनमें बेगूसराय, भोजपुर, दरभंगा, गया, कैमूर, किशनगंज, मधेपुरा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी और सुपौल शामिल हैं। इन जिलों के कुल 53 प्रखंडों और 493 पंचायतों के किसानों ने फसल क्षतिपूर्ति के लिए कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया था, जिसका जिला स्तर पर सत्यापन होने के बाद आज भुगतान कर दिया गया।

'खजाने पर पीड़ितों का पहला हक' - मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार किसानों की तरक्की और सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, "सरकारी खजाने पर सबसे पहला हक बाढ़ और आपदा पीड़ितों का है।"

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि किसान इस मुआवजे की राशि का उपयोग आने वाली नई फसलों की तैयारी के लिए करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और कृषि मंत्री रामकृपाल यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

क्या है कृषि इनपुट अनुदान योजना?
बिहार सरकार की कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, तूफान, या ओलावृष्टि से होने वाले फसल नुकसान की भरपाई की जाती है। यह योजना अधिकतम 2 हेक्टेयर (लगभग 494 डिसमिल) तक की जमीन के नुकसान के लिए देय है। किसान समय-समय पर कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर आवेदन करके इस सहायता का लाभ उठा सकते हैं।

आज के इस कदम से उन छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों को बड़ी राहत मिली है जो मौसम की अनिश्चितता के कारण कर्ज में डूबे हुए थे।