Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

भूखे पेट खेलती है अंडर14 फुटबॉल की कप्तान, कैसे जीतेगा देश

सोनी और उसका परिवार एक छोटी सी झोपड़ी में रहने को मजबूर है।

भूखे पेट खेलती है अंडर14 फुटबॉल की कप्तान, कैसे जीतेगा देश
नई दिल्ली. जब से पी.वी. सिंधु और साक्षी मलिक ने ओलंपिक में पदक जीते हैं तब से भारत महिला खिलाड़ियो की बातों ने जोर पकड़ लिया है। एक और जो खिलाड़ी देश के लिए मेडल जीतकर लाता है तो उन पर करोड़ों की राशि ईनाम के रूप न्यौछावर कर दिए जाते हैं। ऐसे में एक ऐसी महिला खिलाड़ी है सोनी कुमारी जो भारत के राष्ट्रीय अंडर 14 फुटबॉल टीम की कप्तान है। वह एक अन्य लड़कियों की ही तरह बिहार के एक गांव में मुफ्लसी का जीवन जी रही है। सोनी की कप्तानी में भारत ने 2013 में एशियाई फुटबॉल परिसंघ टूर्नामेंट में जीत हासिल की थी।
सोनी बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में एक दलित मजदूर वर्ग के परिवार से ताल्लुक रखती है। उसके परिवार में बेहद गरीबी होने के बावजूद इस प्रतिभाशाली चौदह वर्षीय लड़की ने भारत की अंडर 14 महिलाओं की फुटबॉल टीम का नेतृत्व करते हुए कई अंतर्राष्ट्रीय जीत दिलाई हैं। उसके कई खेलों में संघर्ष के कारण उसे देश के लिए पुरस्कार के साथ वाहवाही मिली है। फिर भी, वह और उसके परिवार एक छोटे से टूटे हुए झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं। सोनी को यूनिसेफ द्वारा सम्मानित भी किया गया है और उसने पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी की है। लेकिन न तो राज्य और न ही केंद्र सरकार ने सोनी की मदद के लिए हाथ तक नहीं बढ़ाया।
सोनी के कोच ने बताया कि सोनी को कभी-कभी खाली पेट पर अभ्यास करना पड़ता है। ऐसे में इस खिलाड़ी के टेलेंट और इसके द़ढ़ संक्लप को देश कब और कैसे सम्मानित करेगा? इसका इंतजार है।
देश की सरकार की ओर से सोनी की मदद के लिए अभी तक कुछ भी नहीं किया गया है। सोनी के पास खाने के लिए दिन में दो वक्त का भोजन तक नहीं है, लेकिन वह फुटबॉल के जुनून के लिए सब कुछ देने के लिए तैयार है।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top