Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

सुप्रीम कोर्ट ने दिया सख्त आदेश, श्रीसंत स्पॉट फिक्सिंग मामले में इस महीने में सुनाए फैसला

श्रीसंत पर 2013 आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए एक मैच के दौरान स्पॉट फिक्सिंग करने के आरोप लगे थे।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया सख्त आदेश, श्रीसंत स्पॉट फिक्सिंग मामले में इस महीने में सुनाए फैसला
X

आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट को जुलाई के अंत तक फैसला सुनाने को कहा। साल 2013 में एस श्रीसंत और अन्य खिलाड़ी स्पॉट फिक्सिंग के चलते बैन झेल रहे हैं जिस पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट को जुलाई के अंत तक फैसला देने के लिये कहा। आपको बता दें कि श्रीसंत पर 2013 आईपीएल में राजस्थान की तरफ से खेलते हुए एक मैच के दौरान स्पॉट फिक्सिंग करने के आरोप लगे थे।

आजीवन प्रतिबंध को चुनौती

स्पॉट फिक्सिंग के चलते श्रीसंत पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने आजीवन प्रतिबंध लगाया था जिसे केरल हाईकोर्ट ने भी इस प्रतिबंध को बरकरार रखा। श्रीसंत ने केरल हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट चुनौती दी थी।

इसे भी पढ़े: IPL 2018: मैच से पहले मैदान पर अचानक नाचने लगे 'नेहराजी' और युवराज, क्रिस गेल का अनोखा डांस, देखिए VIDEO

हाईकोर्ट के फैसले का करना होगा इंतजार

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि खिलाड़ियों के आजीवन प्रतिबंध की व्याकुलता को समझा जा सकता है, लेकिन आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली पुलिस की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार करना होगा।

इंग्लिश काउंटी में खेलने की मांग

ज्ञात हो कि ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में एस श्रीसंत समेत अन्य खिलाड़ियों को स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों से बरी कर दिया था। श्रीसंत ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट से इंग्लिश काउंटी क्रिकेट खेलने की मांग की है। श्रीसंत का कहना है कि उन्हें स्पॉट फिक्सिंग मामले में बरी कर दिया गया है इसके बावजूद वो चार सालों से आजीवन प्रतिबंध झेल रहे हैं। फिक्सिंग का दाग हटाने के लिए अब एस श्रीसंत करेंगे और भी जोरदार अपील

इसे भी पढ़े: IPL 2018: RCB के एक जीत से प्लेऑफ में फंसा पेच, इन 5 टीमों के बीच है जबरदस्त जंग

ये हुए थे गिरफ्तार

गौरतलब हो कि स्पॉट फिक्सिंग मामले में दिल्ली पुलिस ने साल 2013 में आइपीएल के दौरान श्रीसंत, अजीत चंडीला और अंकित चव्हाण को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद खिलाड़ियों पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया है।

केरल उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने पिछले साल अगस्त में श्रीसंत पर लगा आजीवन प्रतिबंध हटा लिया था लेकिन हाईकोर्ट ने क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड की अपील पर श्रीसंत पर आजीवन प्रतिबंध फिर से बहाल कर दिया था।

श्रीसंत बोले- मैंने बीसीसीआई के विरोध में बयान नहीं दिया

श्रीसंत ने इस दौरान यह भी कहा कि उन्होंने कभी बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधी सुरक्षा इकाई के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि पूरे प्रकरण में 13 आरोपी शामिल थे। ऐसे में केवल उनसे ही अपराधियों जैसे बर्ताव क्यों किया जा रहा है।

मैंने कभी बाकी आरोपियों के नाम उजागर करने को नहीं कहा। लेकिन मैं यह बताना चाहता हूं कि इस दौरान बुरे दौर से केवल मैं ही गुजरा हूं। श्रीसंत ने कहा- वे अब तक चुप थे। लेकिन अब अपनी दिल की बात सामने जरूर रखेंगे। यह शुरूआत है। आगे कई खुलासे होंगे।

इसे भी पढ़े: अनुष्का की राह पर निकलीं सागरिका, ले लिया ये बड़ा फैसला, पति जहीर खान का भी है सपोर्ट

यह है पूरा मामला

बीसीसीआइ ने साल 2013 आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग में गिरफ्तार किये गये खिलाड़ियों पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए श्रीसंत ने केरल हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसपर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने 7 अगस्त 2013 को श्रीसंत पर लगे आजीवन बैन को हटा दिया था।

स्पॉट फिक्सिंग मामले में श्रीसंत समेत सभी 36 आरोपियों को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जुलाई 2015 में बरी कर दिया था लेकिन इस फैसले के बाद भी बीसीसीआइ ने इन खिलाड़ियों पर आजीवन प्रतिबंध नहीं हटाया।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story