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रिव्यू के मामले में बिल्कुल कच्चे हैं कप्तान कोहली, ये रहा विराट के DRS का विश्लेषण

विराट कोहली एक ऐसे कप्तान हैं जो आक्रामक मानसिकता के साथ मैदान पर उतरते हैं। नतीजतन कोहली जल्दीबाजी में रिव्यू (DRS) मांग लेते हैं जिनमें से अधिकतर असफल हो जाते हैं।

रिव्यू के मामले में बिल्कुल कच्चे हैं कप्तान कोहली, ये रहा विराट के DRS का विश्लेषण

विराट कोहली एक ऐसे कप्तान हैं जो आक्रामक मानसिकता के साथ काम करते हैं और उनके पास अपने टीम के साथी को मैदान पर तेजी के साथ चार्ज करने की क्षमता है और जब वे अपील करते हैं तो प्रायः उत्साहित हो जाते हैं।

नतीजतन कोहली जल्दीबाजी में रिव्यू (DRS) मांग लेते हैं जिनमें से अधिकतर असफल हो जाते हैं। सीमित ओवरों के मैचों में एमएस धोनी के तेज दिमाग और अनुभव में कोहली को रिव्यू लेने में आसानी होती थी।

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लेकिन टेस्ट में धोनी गैरमौजूदगी में विराट बार बार असफल हो रहे हैं। भारतीय कप्तान के रूप में विराट कोहली ने अबतक कुल 23 टेस्ट मैचों में रिव्यू लिया है। उन्होंने 93 मौकों पर अंपायर के फैसले को चुनौती देने का फैसला किया लेकिन केवल 15 मौकों पर ही सफल रहे।

2016/17 सीज़न में 5 मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज़ के दौरान उन्हें पहली बार रिव्यू लेने का मौका मिला, जहां उन्होंने मैदान पर अंपायर के फैसले को 27 बार चुनौती दी है।

भारतीय कप्तान केवल छह मौकों पर सफल रहा जबकि शेष 21 मौके पर असफल तरहे जिसमें में से सात व्यर्थ हो गए क्योंकि यह अंपायर कॉल थी।मौजूदा इंग्लैंड दौरे में खेले गए पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में कप्तान विराट कोहली ने 16 रिव्यू लिए जिसमें एक सफल हुआ और 11 असफल हुए।

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