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कैफ के ''10 हजारी'' बनने पर सहवाग ने कुछ इस तरह दी बधाई

सहवाग ने कैफ को बधाई देते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘9,000 रन तो दौड़-दौड़कर ही भागे होंगे।''

कैफ के
नई दिल्ली. साल 2002 की नैटवेस्ट सीरीज में भारत को फाइनल में जीत दिलाने वाले मोहम्मद कैफ के आज भी काफी फैन्स हैं। मोहम्मद कैफ की कप्तानी में छत्तीसगढ़ ने अपना पहला रणजी ट्रॉफी मैच जीतने का गौरव हासिल किया है, और त्रिपुरा को नौ विकेट से हराया है। सत्र 2016-17 के लिए छत्तीसगढ़ ने रणजी ट्रॉफी के लिए क्वालीफाई किया था, और मोहम्मद कैफ को टीम का कप्तान बनाया गया था।
हालांकि भारत के लिए कैफ को खेले हुए लगभग 10 साल हो गए हैं और अब वो सिर्फ फर्स्ट क्लास क्रिकेट में हिस्सा लेते हैं। टीम की जीत के अलावा कैफ ने इस मैच में एक निजी उपलब्धि भी हासिल की। उन्होंने त्रिपुरा के खिलाफ इस मैच के दौरान प्रथम श्रेणी में अपने 10 हजार रन पूरे किए।
178 मैचों में कैफ 39.84 की औसत और 19 शतक की मदद से अभी तक 10001 रन बनाए। भारत के लिए कैफ में 125 वनडे खेले और इसमें उनके नाम 2 शतक की मदद से 2753 रन दर्ज हैं। 2003 वर्ल्ड कप की टीम में वो शामिल थे। नैटवेस्ट सीरीज के अलावा कैफ ने अपनी कप्तानी में भारत को 2000 में अंडर 19 वर्ल्ड कप में भी जीत दिलाई थी।
ऐसे दी वीरू ने बधाई
मोहम्मद कैफ के 10,000 प्रथम श्रेणी रन पूरे होने पर टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने उन्हें अपने ही अंदाज़ में बधाई देते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘10,000 फर्स्ट क्लास रन बनाने पर मोहम्मउद कैफ जी को बधाई... 9,000 रन तो दौड़-दौड़कर ही भागे होंगे... क्या 'पकड़म-पकड़ाई' आपका दूसरा पसंदीदा खेल है...?’ #MehnatiBatsman
सहवाग के ट्वीट का जवाब मोहम्मद कैफ ने भी उन्हीं के अंदाज़ में देने की कोशिश की, और लिखा, ‘हा हा हा, थैंक्स. वीरू... आपकी तरह चौके-छक्के से 80 प्रतिशत रन बनाना और छक्के से 300 करना तो किसी के बस की नहीं है...’
सहवाग के अलावा भी भारत के कई दिग्गजों ने मोहम्मद कैफ को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बधाई दी। टीम इंडिया में कैफ के पुराने साथी युवराज सिंह, हरभजन सिंह के अलावा टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और मौजूदा कोच अनिल कुंबले समेत बहुत-से क्रिकेटरों ने कैफ को ट्विटर पर बधाई दी।
वैसे, साल 1969 के बाद यह पहला मौका है, जब किसी टीम को रणजी ट्रॉफी के किसी मैच में पहली बार जीत हासिल हुई हो। इससे पहले 1968 के सत्र में पंजाब ने यह गौरव हासिल किया था।
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