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Tokyo Olympics में हरियाणा के शूटरों का बजेगा डंका, मेडल पर होगा निशाना

हरियाणा की दो महिला समेत ऐसे चार अर्जुन अवार्डी एंव अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज शामिल हैं, जो पदक के मजबूत दावेदार माने जाते हैं।

Tokyo Olympics में हरियाणा के शूटरों का बजेगा डंका, मेडल पर होगा निशाना
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खेल/ ओ.पी पाल। टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympic) में भारतीय निशानेबाजों (IndianbShooter) के दल में हरियाणा (Haryana) की दो महिला समेत ऐसे चार अर्जुन अवार्डी एंव अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज (International Shooter) शामिल हैं जो पदक के मजबूत दावेदार माने जाते हैं। सभी निशानेबाज एक से बढ़कर एक हैं, जो देश के लिए पदकों की झड़ियां लगा सकते हैं। इसी लिस्ट में तीन मजबूत दावेदार ऐसे हैं जो अलग-अलग कैटेगरी में अपना बेहतरीन प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।

संजीव राजपूत


हरियाणा के इन भारतीय स्टार शूटरों में नौसेना से सेवानिवृत्त जूनियर कमीशंड ऑफिसर 40 वर्षीय संजीव राजपूत (50 मीटर थ्री पोजिशन) भी शामिल है। संजीव राजपूत एक मात्र ऐसे भारतीय राइफल शूटर हैं जो 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन कैटेगरी में प्रतिस्पर्धाओं की चुनौती का सामना करते हैं। हरियाणा के यमुनानगर में 5 जनवरी 1981 को जन्में संजीव एक बेहद साधारण परिवार से आते हैं। संजीव के पिता ने रेहड़ी पटरी लगाकर खाना बेचा जिससे बेटे का नौसेना में अफसर बनने का सपना पूरा हो। वहीं नौसेना में सेवा देते हुए उन्होंने वहां शूटिंग रेंज देखी तो उन्हें निशानेबाजी करना शुरू कर दिया।

उन्होंने पहली बार 2004 के दक्षिण एशियाई खेलों में तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी। इसके साथ ही 2010 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हालांकि संजीव 2014 में नौसेना से सेवानिवृत्ति हो गए लेकिन उन्होंने शूटिंग नहीं छोड़ी। संजीव का लक्ष्य टोक्यो ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है।

वहीं वे बिजिंग और लंदन ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। लेकिन वह उस दौरान पदक हासिल करने में असफल रहे। इसके साथ ही संजीव का कहना है कि पिछले ओलंपिक के प्रदर्शन को भुलाकर वे इस बार देश के लिए पदक हासिल करने के लिए अपने इवेंट पर फोकस कर रहे हैं। साथ ही संजीव का कहना है कि जब उन्होंने पहली बार शूटिंग शुरु की थी तब से लेकर तकनीकों के मुताबिक भारत में शूटिंग में काफी बदलाव आया है। मसलन 2012 से पहले कोई दशमलव स्कोर नहीं था। उस समय 50 मीटर प्रोन इवेंट बेहद लोकप्रिय था जिसे समाप्त कर दिया गया है और अब मिश्रित टीम स्पर्धाएं भी शुरू हो गई हैं।

संजीव की उपलब्धियां

2006- राष्ट्रमंडल खेल में कांस्य पदक

2010- विश्व कप में रजत पदक

2011- विश्व कप में स्वर्ण पदक

2014- राष्ट्रमंडल खेल में रजत पदक

2016- विश्व कप में रजत पदक

2018- राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक

2018- एशियन गेम्स में रजत पदक

2019- विश्व कप में रजत पदक

2021- विश्व कप में स्वर्ण पदक

यशस्विनी सिंह देसवाल


अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कमाल की निशानेबाजी करने वाली भारतीय महिला निशानेबाज यशस्विनी सिंह देसवाल का जन्म 30 मार्च 1999 को नई दिल्ली में हुआ। हालांकि वह पटियाला की रहने वाली है। महज 13 साल की उम्र में यशस्विनी ने निशानेबाजी शुरु की। उन्हें परिवार का काफी साथ मिला यही कारण है कि वह अपने इस सफर में इतनी आगे पहुंची है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाज रहे सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक टीएस ढिल्लन से शूटिंग में कोचिंग ली। वहीं उन्होंने ओलंपिक के क्वालिफाई मुकाबलों में अंक तालिका में एशिया की नंबर वन निशानेबाज मनु भाकर को पीछे छोड़ा। इस दौरान यशस्विनी का कहना है कि उनका फोकस ओलंपिक के लिए जगह बनाने पर था, इसलिए उन्होंने इसी मानसिक स्वभाव और तकनीक से निशानेबाजी की।

यशस्विनी की उपलब्धियां

2014- 58वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप में 3 स्वर्ण पदक

2016- आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप स्वर्ण पदक

2017- आइएसएसएफ़ जूनियर विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक

2019- आईएसएसएफ विश्व कप में स्वर्ण पदक

2020- पांचवें इंटरनैशनल ऑनलाइन शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक

2021- आईएसएसएफ विश्व कप में स्वर्ण पदक से ओलंपिक के लिए क्वालिफाई

अभिषेक वर्मा


टोक्यो ओलंपिक के लिए भारतीय निशानेबाजी टीम में 31 साल के पिस्टल शूटर अभिषेक वर्मा भी शामिल हैं। जो हरियाणा के पलवल जिले के हैं, उनका जन्म 1 अगस्त 1989 को एके वर्मा के परिवार में हुआ। पेशे से इंजीनियर और वकील अभिषेक ने निशानेबाजी सिर्फ शौक के तौर पर शुरू की थी। लेकिन उन्हें कहां पता था कि उनका ये मामूली शौक उन्हें अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाज बना देगा।

टोक्यो ओलंपिक के लिए 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतिस्पर्धा के लिए क्वालिफाई करने वाले अभिषेक ने ओलंपिक की तैयारी के लिए पूर्व निशानेबाज ओमेंद्र सिंह से तकनीकी प्रशिक्षण लिया है। जिसके बाद अब उनकी नज ओलंपिक में भारत के लिए पदक हासिल करने पर होगी।

पहली बार अभिषेक ने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में शूटिंग करते हुए 5वां स्थान हासिल किया। जिसके बाद साल उन्हें 2015 और 2016 में नेशनल शूटिंग में हिस्सा लेने का मौका मिला और केरियर का पहला पदक केरला शूटिंग नेशनल्स में जीता। इसके साथ ही उन्हें आईएसएसएफ रैंकिंग के आधार पर म्यूनिक में हुए विश्वकप चैंपियनशिप में खेलने का मौका मिला जिसमें उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में कांस्य पदक जीता।

अभिषेक वर्मा की उपलब्धियां

2018- विश्व पियनशिप में रजत पदक

2018- एशियन गेम्स में कांस्य पदक

2019- विश्वकप बिजिंग में स्वर्ण पदक

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