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24 साल की उम्र में Neeraj Chopra की 5 बड़ी उपलब्धियां, Golden Boy बनने तक का सफर नहीं था आसान

टोक्यो ओलंपिक 2020 (Tokyo Olympics 2020) में देश के लिए एकमात्र गोल्ड मेडल (Gold Medal) जीतने वाले जेवलिन थ्रोअर (Javelin thrower) नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) 24 दिसंबर को अपना 24वां जन्मदिन मना रहे हैं।

24 साल की उम्र में Neeraj Chopra की 5 बड़ी उपलब्धियां, Golden Boy बनने तक का सफर नहीं था आसान
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Birthday Special: टोक्यो ओलंपिक 2020 (Tokyo Olympics 2020) में देश के लिए एकमात्र गोल्ड मेडल (Gold Medal) जीतने वाले जेवलिन थ्रोअर (Javelin thrower) नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) 24 दिसंबर को अपना 24वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस दौरान उन्हें सभी लोगों ने बधाई दी हैं। 2021 का साल नीरज चोपड़ा के लिए बेहद खास रहा है। यही वो साल है जब नीरज ने बतौर एथलीट अपनी विरासत को मजबूत किया और आजादी के बाद के युग में ट्रैक और फील्ड एथलेटिक्स में देश का पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा है।

दरअसल टोक्यो ओलंपिक 2020 में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में भाग लेते हुए, गोल्डन बॉय नीरज ने 87.58 मीटर की दूरी दर्ज की, जो उनके और भारत के लिए एथलेटिक्स में एक ऐतिहासिक ओलंपिक स्वर्ण पदक का जश्न मनाने के लिए पर्याप्त था।

गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा ने अपने करियर में कई ऊंचाइयां छुई हैं। सिर्फ टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड जीतना ही नहीं बल्कि कई और उपलब्धियां भी उन्होंने अपने नाम की हैं।

1. नीरज चोपड़ा ने 2016 में दक्षिण एशियाई खेलों में भी गोल्ड मेडल जीता था। उस दौरान उन्होंने 84.23 मीटर भाला फेंककर पुराने रिकॉर्ड की बराबरी की। यही वो मौका था जब गोल्डन बॉय ने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मेडल अपने नाम किया।

2. महज 18 साल की उम्र में, नीरज चोपड़ा ने IAAF वर्ल्ड U20 चैंपियनशिप में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया। नीरज ने ट्रैक एंड फील्ड में पुरुषों के U20 भाला फेंक में विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए 86.48 मीटर का थ्रो दर्ज किया। इस रिकॉर्ड की खास बात ये है कि ये रिकॉर्ड आज भी नीरज के नाम पर दर्ज है इसे अभी तक कोई नहीं तोड़ पाया है।

3. वहीं नीरज चोपड़ा ने भारत के सबसे प्रतिभाशाली और होनहार ट्रैक और फील्ड एथलीटों में से एक के रूप में रैंक बढ़ाना जारी रखा। वहीं उन्होंने 2018 में राष्ट्रमंडल खेलों में अपना डेब्यू किया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उस दौरान उन्होंने 86.47 मीटर का थ्रो किया, जिससे उन्हें बैग हासिल करने में मदद मिली। इसके साथ ही वह राष्ट्रमंडल खेलों में भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय भी बने। नीरज ने एक साल पहले, यानी की 2017 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी स्वर्ण जीता था।

4. नीरज चोपड़ा खुद के ही रिकॉर्ड तोड़ने में भी कामयाब रहे। 2018 में एशियाई खेलों में 88.06 मीटर के थ्रो कर उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। उस दौरान भी उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था।

5. और सबसे बड़ी उपलब्धि जो नीरज ने अपने नाम की वो थी टोक्यो ओलंपिक 2020 में गोल्ड मेडल जीतना। ओलंपिक में उन्होंने 87.58 मीटर भाला फेंकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। ये ट्रैक एंड फील्ड में भारत के इतिहास में पहला गोल्ड मेडल था। नीरज से पहले बीजिंग ओलंपिक 2008 में अभिनव बिंद्रा ने शूटिंग में देश के लिए गोल्ड जीता था।

लेकिन ये उपलब्धियां अपने नाम करने के लिए नीरज चोपड़ा ने जी तोड़ मेहनत की। किसे पता था कि जो बच्चा अपना अपना वजन कम करने के लिए मैदान पर जाए करता है आज वो देश का गोल्डन बॉय कहलाएगा। नीरज ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो जब छोटे थे तो उनका वजन काफी ज्यादा था, जिस कारण लोग उन्हें परेशान करते थे चिढ़ाते थे, जिस कारण वो मैदान पर जाने लगे ताकी उनका वजन कम हो सके।

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