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भारत के महान बैडमिंटन खिलाड़ी नंदू नाटेकर का निधन, कई रिकॉर्ड किए थे अपने नाम

भारत के महान बैडमिंटन खिलाड़ी नंदू नाटेकर ने 88 साल की उम्र में बुधवार को दुनिया को अलविदा कह दिया।

भारत के महान बैडमिंटन खिलाड़ी नंदू नाटेकर का निधन, कई रिकॉर्ड किए थे अपने नाम
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नंदू नाटेकर का निधन।

खेल। भारत के महान बैडमिंटन खिलाड़ी (Indian Badmintion player) नंदू नाटेकर (Nandu Natekar) ने 88 साल की उम्र में बुधवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। वह 1956 में अंतरराष्ट्रीय खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी थे। इसके साथ ही उन्होंने अपने करियर में 100 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (National and International) खिताब अपने नाम किए। वह अपने पीछे एक बेटा और दो बेटियों को छोड़ कर चले गए।

वहीं उनके बेटे गौरव ने बताया कि वह पिछले तीन महीने से बीमार थे, जिसके बाद बीमारी के कारण ही उनका निधन हुआ, हम उस वक्त उनके साथ ही थे। महाराष्ट्र के सांगली में जन्में नाटेकर अपने समय में सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में से एक थे, साथ ही वह दूनिया के पूर्व नंबर तीन के खिलाड़ी थे। बैडमिंटन में उनके खेल और प्रदर्शन के कारण उन्हें 1961 में प्रतिष्ठित पुरस्कार अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा गया।

पीएम मोदी ने दी श्रद्धाजंलि

पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी नंदू नाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शोक जताया है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, " श्री नंदू नाटेकर का भारत के खेल इतिहास में एक अहम स्थान है। वो एक बेहतरीन बैडमिंटन खिलाड़ी और एक महान गुरु थे, उनकी सफलता नए एथलीटों को प्रेरित करती रहती है। उनके निधन से दुखी हूं, इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं। ओम शांति!"

बता दें कि 15 साल से ज्यादा अपने करियर के दौरान नाटेकर ने 1954 में प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। साथ ही 1956 में सेलांगर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में अंतरराष्ट्रीय खिताब अपने नाम करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी थे। 1951 से 1963 के बीच थॉमस कप में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और 16 में से 12 एकल और 8 युगल मुकाबले जीते थे। वहीं 1965 के राष्ट्रमंडल खेलों में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

नाटेकर ने 15 साल से अधिक के अपने करियर के दौरान 1954 में प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के क्वॉर्टर फाइनल में जगह बनाई और 1956 में सेलांगर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट जीतकर अंतरराष्ट्रीय खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। उन्होंने 1951 से 1963 के बीच थॉमस कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने 16 में से 12 एकल और 16 में से आठ युगल मुकाबले जीते थे। उन्होंने जमैका में 1965 राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

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