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Beijing Winter Olympics 2022: शीतकालीन ओलंपिक में भारत का इतिहास, अभी भी तय करना है लंबा सफर

अगले महीने शीतकालीन खेलों के लिए जम्मू-कश्मीर के अल्पाइन स्कीइर आरिफ खान ने भारत की तरफ से क्वालीफाई किया है। वह बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के दो अलग-अलग स्पर्धाओं के लिए क्वालिफाई करने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।

Beijing Winter Olympics 2022: शीतकालीन ओलंपिक में भारत का इतिहास, अभी भी तय करना है लंबा सफर
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खेल। अगले महीने फरवरी से चीन के बीजिंग शहर में शीतकालीन ओलंपिक (Beijing Winter Olympics 2022) खेलों का आयोजन होने जा रहा है। इसमें कई देश प्रतिभाग करेंगे, इनमें एक भारत भी है। ग्रीष्मकालीन खेलों के बाद अब भारत भी शीतकालीन ओलंपिक खेलों में अपना भविष्य तलाश रहा है।

शीतकालीन खेलों में भारत का इतिहास

शीतकालीन खेलों में भारत का इतिहास कुछ खास नहीं है और ना ही बड़ा है। लेकिन जहां भारत ने ग्रीष्मकालीन खेलों में 1900 में भाग लिया वहीं शीतकालीन खेलों में भाग लेने के लिए उसे 1964 तक का लंबा इंतजार करना पड़ा। दरअसल ऑस्ट्रिया में आयोजित शीतकालीन खेलों में भारत की ओर से जेरेमी बुजाकोवास्की (Jeremy Bujakowski) ने अल्पाइन स्कीइंग (Alpine skiing) स्पर्धा में भाग लिया था लेकिन उनके लिए ये खेल खास नहीं रहे।

दरअसल शीतकालीन ओलंपिक खेलों में भाग लेने के लिए भारत के पास ना पर्याप्त व्यवस्था थी और ना ही प्रोत्साहन, जिस कारण वो शीतकालीन ओलंपिक1964 के बाद से कभी उठ ही नहीं पाया। साथ ही भारत में शीतकालीन खेल और देशों के मुकाबले इतने लोकप्रिया नहीं हुए, इसलिए ग्रीष्मकालीन खेलों की तुलना में शीतकालीन खेलों को उतना महत्व नहीं मिल सका।

ओलंपिक में भारतीय एथलीट्स का कमाल

टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत ने जिस तरह का प्रदर्शन किया उससे उसके खिलाड़ियों की पूरे देश में काफी तारीफ हुई, पूरे देश ने खिलाड़ियों की सराहना की। लेकिन शीतकालीन खेलों की बात करें तो महज एक ही खिलाड़ी हैं जिन्होंने लगातार अपने देश का नाम रोशन किया।

ल्यूज खिलाड़ी शिवा केशवन


वो खिलाड़ी और कोई नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश के मनाली में जन्में शिवा केशवन (Shiva Keshavan) हैं। जिन्होंने शीतकालीन ओलंपिक इतिहास में भारत का सबसे ज्यादा 6 बार प्रतिनिधित्व किया। शिवा ल्यूज खिलाड़ी हैं, जिसका प्रयास उन्होंने बहुत ही कम उम्र में की थी। वहीं 16 साल की कम उम्र में उन्होंने अपनी जिंदगी के पहले नागानो शीतकालीन ओलंपिक खेलों 1998 में भाग लिया। जिसके बाद उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक भी अपने नाम किए। इस दौरान शिवा ने 1998, 2002, 2006, 2014 और 2018 शीतकालीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। बदकिस्मती से शिवा भारत के लिए कोई ओलंपिक पदक नहीं जीत पाए।


आरिफ खान ने रचा इतिहास


हालांकि, ल्यूज खिलाड़ी शिवा ने इस बार बीजिंग 2022 के खेलों में खेलने से मना कर दिया है। फिलहाल अगले महीने शीतकालीन खेलों के लिए जम्मू-कश्मीर के अल्पाइन स्कीइर आरिफ खान ने भारत की तरफ से क्वालीफाई किया है। वह बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के दो अलग-अलग स्पर्धाओं के लिए क्वालिफाई करने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।

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