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रियो 2016: नरसिंह रियो ओलिंपिक से बाहर, लगा 4 साल का बैन

सीएएस के फैसले से रेसलर नरसिंह को अब रियो ओलिंपिक में खेलने की इजाजत नहीं मिलेगी।

रियो 2016: नरसिंह रियो ओलिंपिक से बाहर, लगा 4 साल का बैन
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रियो डि जिनेरियो. रियो डि जिनेरियो में हो रहे खेलो से भारतीय पहलवान नरसिंह यादव को झटका लगा है। रेसलर नरसिंह यादव पर गुरुवार को कोर्ट फॉर अर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (सीएएस) ने चार घंटे लंबी बहस के बाद फैसला सुनाते हुए कहा कि नरसिंह यादव पर डोपिंग की वजह से चार साल का प्रतिबंध लगाया जा रहा है। उन्‍हें रियो ओलिंपिक में खेलने की इजाजत नहीं मिलेगी।
आपको बता दें, नरसिंह को एक प्रतिबंधित एनाबोलिक स्टेरॉयड के लिए सकारात्मक परीक्षण के बावजूद राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) से मंजूरी मिली थी। नाडा और आईओए के तर्क है कि वह जानबूझकर प्रतिबंधित पदार्थ नहीं लिया था।
हालांकि, नाडा के निर्णय के बाद विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के द्वारा नरसिंह को दिए गए क्लिन चिट के फैसले को चैलेंज देते हुए उसके खिलाफ सीएएस में अपील की। वाडा ने अपनी अपील में नरसिंह को राष्ट्रीय डोपिंग निरोधी एजेंसी (नाडा) द्वारा क्लीन चिट दिए जाने को गलत करार दिया था और उन पर प्रतिबंधित दवाओं के सेवन को लेकर चार साल का प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। अब जबकि सीएएस ने वाडा की अपील स्वीकार कर ली है, नरसिंह का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। वह अब रियो ओलिंपिक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
इन सब के बावजूद नरसिंह का नाम शुक्रवार को जारी की गई आधिकारिक अनुसूची में छपी है। नरसिंह का नाम क्वालीफिकेशन दौर में फ्रांस के जेलिमखान खाडजिएव के साथ मुकाबले के लिए लेने के लिए निर्धारित किया गया है, लेकिन यह सभी सीएएस के फैसले पर निर्भर करेगा।
उससे पहले रियो ओलिंपिक के बारा बीच के विंडसर होटल में सीएएस की अदालत में चली चार घंटे लंबी बहस के बाद जब ब्रजभूषण शरण सिंह बाहर आए तो उनके चेहरे पर पहले जैसा उत्‍साह नहीं था। फैसला आने के बाद भारतीय कुश्‍ती संघ के अध्‍यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच होनी चाहिए। एक गिराहे ने ये काम किया है। इसके चलते एक खिलाड़ी की जिंदगी बर्बाद हो गई। नरसिंह की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर उन्‍होंने कहा कि वह रो रहे हैं और बात करने की स्थिति में नहीं है।
भारतीय कुश्‍ती संघ के अध्‍यक्ष ने बताया कि वाडा ने नाडा के फैसले पर कई सवाल किए- मसलन वाडा के वकील का कहना था कि सोनीपत में पहलवानों की ट्रेनिंग के दौरान जो खाने या पीने में मिलावट की बात कही जा रही है वो उससे सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि इतनी कड़ी सुरक्षा में ऐसा किया जाना मुमकिन नहीं हैं। उसके चंद घंटों बाद ही नरसिंह पर पाबंदी का फैसला सुना दिया गया।

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