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टीम इंडिया में शामिल किए गए खलील अहमद के कंपाउंडर पिता बनाना चाहते थे., जानें कैसे बने क्रिकेटर

एमएसके प्रसाद के नेतृत्व में चयन पैनल ने आगामी एशिया कप के लिए शनिवार को भारतीय टीम का ऐलान किया जो 15 सितंबर से शुरू होगा। टीम में नए चेहरे के रूप में खलील अहमद को शामिल किया गया है।

टीम इंडिया में शामिल किए गए खलील अहमद के कंपाउंडर पिता बनाना चाहते थे., जानें कैसे बने क्रिकेटर

एमएसके प्रसाद के नेतृत्व में चयन पैनल ने आगामी एशिया कप के लिए शनिवार को भारतीय टीम का ऐलान किया जो 15 सितंबर से शुरू होगा।टीम में नए चेहरे के रूप में खलील अहमद को शामिल किया गया है।

खलील पूर्व भारतीय दिग्गज क्रिकेटर राहुल द्रविड़ के शिष्य हैं और उन्होंने ही खलील की प्रतिभा को निखारा है। आगे जानते हैं खलील अहमद का भारतीय क्रिकेट में सिलेक्शन तक का सफर कैसा रहा है।

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खलील अहमद का क्रिकेट करियर

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद भारत के लिए अंडर-19 क्रिकेट में खेल चुके हैं। खलील को उनकी रफ्तार और लाइन लेंथ के लिए जाना जाता है। वह 145 किमी/घंटा की औसत रफ्तार से गेंद फेंकते हैं, इस दौरान गेंद पर उनका नियंत्रण भी शानदार रहता है।

खलील ने तीन देशों के अंडर-19 टूर्नमेंट में तीन मैचों में 12 विकेट लिए थे। जिसमें फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 29 रन देकर तीन विकेट भी शामिल थे। 2018 के सैयद मुश्ताक अली टूर्नमेंट में खलील ने 10 मैचों में 17 विकेट लिए। वह टूर्नमेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर रहे थे।

बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में 20 वर्षीय खलील ने राजस्थान के लिए जम्मू-कश्मीर के खिलाफ अपना प्रथम श्रेणी डेब्यू किया और अब तक दो मैचों में 2 विकेट लिए हैं। खलील ने अब तक 17 लिस्ट ए मैचों में 28 और 12 टी20 मैचों में 17 विकेट ले चुके हैं।

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कंपाउंडर पिता बनाना चाहते थे बेटे को डॉक्टर

खलील अहमद राजस्थान के टोंक जिले के रहने वाले हैं। उन्हें बचपन से ही क्रिकेट का शौक था। उन्होंने राजस्थान की ओर से अंडर-16 और अंडर-19 के स्तर पर खेला था। हालांकि खलील के कंपाउंडर पिता बेटे क्रिकेटर नहीं बल्कि डॉक्टर बनाना चाहते थे।

लेकिन उनके कोच इम्तियाज ने उन्हें क्रिकेटर बनने में मदद की। क्रिकइंफो को दिए एक इंटरव्यू में खलील ने बताया था कि टोंक में उन दिनों क्रिकेट को पढ़ने वाले बच्चों के लिए अच्छा नहीं माना जाता था।

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