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साल 2018: भारतीय खेलों की बोलेगी तूती, क्रिकेट-हॉकी-बैटमिंटन-कुश्ती-बाक्सिंग में लहराएगा तिरंगा

नववर्ष भारतीय खेलों के लिए नई ऊर्जा लेकर आया है, साल 2018 में भारतीय खेलों की बोलेगी तूती।

साल 2018: भारतीय खेलों की बोलेगी तूती, क्रिकेट-हॉकी-बैटमिंटन-कुश्ती-बाक्सिंग में लहराएगा तिरंगा

नववर्ष भारतीय खेलों के लिए नई ऊर्जा लेकर आया है। क्रिकेट में भारतीय टीम इतिहास रचने के लिए दक्षिण अफ्रीका पहुंच चुकी है। पिछले 25 सालों से भारत को अफ्रीकी धरती पर कोई सीरीज नसीब नहीं हुई है, लेकिन टीम इंडिया के फॉर्म को देखते हुए अब रिकॉर्ड बदलने का समय आ गया है।

हॉकी में टीम इंडिया महिला व पुरुष एशिया चैंपियन है तो वहीं बैटमिंटन में किदांबी श्रीकांत, ओलिंपिक सिल्वर गर्ल सिंधू नई सनसनी बनकर उभरे हैं। तीन साल बाद कुश्ती में ओलपिंक में दो बार कांस्य जीतने वाले सुशील कुमार ने धमाकेदार वापसी की है। अब उनसे कॉमनवेल्थ गेम्स में भी पदक की उम्मीद है। बाक्सिंग में पांच बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरीकॉम ने भी नववर्ष 2018 में अपने मुक्कों को मजबूत कर लिया है।

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कोहली की ललकार- अब 2013 जैसी नहीं टीम इंडिया

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली का मानना है कि उनकी टीम साउथ अफ्रीका के साल 2013 में हुए आखिरी दौरे के बाद काफी बदल गई है कोहली ने कहा, हमें यहां जिस भी तरह की चुनौती मिलेगी, हम इसके लिए तैयार हैं। पांच जनवरी आने दीजिए, हम इसके लिए तैयार हैं।

भारत ने साल 1992 से दौरा शुरू करने के बाद साउथ अफ्रीका में कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीती है और मौजूदा टीम में ऐसे 13 खिलाड़ी हैं, जो यहां 2013-14 के आखिरी दौरे के दौरान खेल चुके हैं। कोहली ने कहा, 'जहां तक खेल समझाने की बात है, तो हम आखिरी चार साल में काफी आगे बढ़ चुके हैं।

बता दें कि टीम इंडिया साउथ अफ्रीका में 56 दिन के दौरे पर है। जहां वो तीन टेस्ट, छह वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेलेगी।

विश्वनाथन आनंद : शतरंज में गरजा विश्व चैंपियन

विश्वनाथन आनंद ने दो दिन पहले रैपिड वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने के बाद शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए विश्व ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनिशप में कांस्य पदक अपने नाम किया। इस जीत की खुशी का इजहार उन्होंने ट्विटर पर किया। उन्होंने सभी को धन्यवाद कहते हुए लिखा- मैं अपने खेल से बहुत खुश हूं। 2018 मुबारक हो!

साथ ही उन्होंने अब फैमिली टाइम का जिक्र करते हुए फोटो शेयर किया है। यह भी बताया है कि यह तस्वीर मेरी पत्नी के लिए है। उसने मुझे मेडल संभाल कर लाने को कहा है। यह इसी का यह सबूत है।

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कुश्ती: सुशील को मिला कॉमनवेल्थ का टिकट

भारत के लिए दो बार ओलिंपिक पदक लाने वाले पहलवान सुशील कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 के लिए क्वालिफाई कर लिया है, ट्रायल मैच में उन्होंने 74 किलोग्राम वर्ग के फाइनल मैच में जीतेंद्र कुमार को हराकर इस प्रतियोगिता के लिए अपनी जगह बनाई।

सुशील कुमार ने इस दौरान अपने सारे मुकाबले जीत लिए उन्होंने अपने सभी प्रतिद्वंदियों को चारो खाने चित्त कर दिया। इस ट्रायल के बाद सुशील कुमार ने एक बार फिर ये साबित किया कि कॉमनवेल्थ गेम्स के लिये अभी भी उनका कोई विकल्प नहीं है।

हॉकीः भारत का बढ़ा रुतबा

विश्व स्तर पर बड़ी सफलता के इंतजार में भारतीय हॉकी का एक साल गुजर गया। पर टीम के दमदार प्रदर्शन से आशा की किरण उभरी है। कुछ शानदार पल आए तो निराशा भी मिली। कोचों को लेकर उठापटक हुई तो नरिंदर बत्रा के अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ का अध्यक्ष बनने से भारतीय रुतबा भी बढ़ा। साल के शुरू में हमारी रैंकिंग छठी थी और अंत में इसी पर कायम भी रहे।

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बैडमिंटनः पुरुषों ने चूमा फलक

इसमें कोई शक नहीं है कि 2016 के अंत तक भारतीय बैडमिंटन की पहचान साइना नेहवाल और पीवी सिंधू से थी। रियो ओलंपिक में रजत पदक के साथ साल का सुखद अंत करने वाली सिंधू ने विश्व में देश का परचम लहराया और भारतीय बैडमिंटन जगत में महिलाओं के दबदबे को कायम रखा। 2017 में महिलाओं के कब्जे को किदांबी श्रीकांत ने खत्म किया। इसके बाद एचएस प्रणय और बी साई प्रणीत जैसे पुरुष खिलाड़ी भी नए सितारे बनकर उभरे।

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