Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

भारतीय महिला क्रिकेट टीम अब होगी और मजबूत, ये भारतीय दिग्गज क्रिकेटर बने कोच

सीनियर खिलाड़ियों के साथ मतभेद के बाद कोच तुषार अरोठे को इस्तीफा देने को बाध्य होना पड़ा था। सीनियर खिलाड़ी बड़ौदा के इस पूर्व आलराउंडर के कोचिंग के तरीकों से खुश नहीं थी।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम अब होगी और मजबूत, ये भारतीय दिग्गज क्रिकेटर बने कोच

भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रमेश पोवार को राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम का अंतरिम कोच बनाया गया है। बीसीसीआई जब तक तुषार अरोठे का उपयुक्त विकल्प नहीं ढूंढ लेता तब तक वह टीम के साथ जुड़े रहेंगे। सीनियर खिलाड़ियों के साथ मतभेद के बाद अरोठे को इस्तीफा देने को बाध्य होना पड़ा था।

सीनियर खिलाड़ी बड़ौदा के इस पूर्व आलराउंडर के कोचिंग के तरीकों से खुश नहीं थी। पोवार महिला टीम के शिविर से जुड़ेंगे जिसकी शुरुआती 25 जुलाई से बेंगलुरू में होगी। बीसीसीआई पहले ही पूर्णकालिक कोच के लिए आवेदन आमंत्रित कर चुका है जिसकी अंतिम तारीख 20 जुलाई है।

इसे भी पढ़ें: खुद राष्ट्रपति ने गले मिलकर खिलाड़ियों के पोंछे आंसू, तस्वीरों में देखें कई यादगार लम्हों का गवाह बना फीफा वर्ल्ड कप 2018

पोवार ने पीटीआई से कहा- मुझे जो जिम्मेदारी की गई उसकी मुझे खुशी है और मैं उन्हें (महिला टीम को) आगे बढ़ाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा। चालीस साल के पोवार ने भारत की ओर से दो टेस्ट में छह जबकि 31 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 34 विकेट हासिल किए।

उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 148 मैचों में 470 विकेट चटकाए। पता चला है कि पोवार को अपनी अंतरिम नियुक्ति की जानकारी क्रिकेट बोर्ड से रविवार को मिली। पिछले हफ्ते ही पोवार मुंबई की सीनियर रणजी टीम के कोच की दौड़ में मुंबई के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज विनायक सामंत से पिछड़ गए थे।

इसे भी पढ़ें: FIFAWC2018Final: फाइनल हारने के बावजूद क्रोएशिया ने बनाया दीवाना, तस्वीरों में देखें पेरिस से मुंबई तक जश्न में डूबे फैंस

इस पद के लिए कथित तौर पर पोवार पहली पसंद थे लेकिन प्रबंधन समिति का एक प्रस्ताव उनके खिलाफ और सामंत के पक्ष में गया। पोवार ने इस साल फरवरी में बीच में ही एमसीए की क्रिकेट अकादमी के स्पिन गेंदबाजी कोच का पद छोड़ दिया था।

और युवा स्पिनरों को प्रशिक्षण देने के लिए आस्ट्रेलिया चले गए थे। दिशानिर्देशों के अनुसार नये कोच की उम्र 55 बरस से कम होनी चाहिए और उसे अंतरराष्ट्रीय या प्रथम श्रेणी टीम को कोचिंग देने का अनुभव होना चाहिए।

Share it
Top