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वीरेंद्र सहवाग की इन बातों की पूरी दुनिया है कायल, आप भी जानें

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को लोग प्यार से वीरू कहकर पुकारते थे, उनकी बैंटिग के लोग सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी दिवाने थे, लोग तो उन्हें दूसरा सचिन भी कहने लगे थे, उनमें और क्या खासियत थी आइए जानते हैं ...

वीरेंद्र सहवाग की इन बातों की पूरी दुनिया है कायल, आप भी जानें
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वीरेंद्र सहवाग की इन बातों की पूरी दुनिया है कायल, आप भी जानें

वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) भारत उन बल्लेबाजों में से थे। जिनके सामने आने से हर गेंदबाज डरता था। वह अपनी आक्रमक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे। वीरेन्द्र सहवाग भले ही आज टीम इंडिया में मौजूद न हो। लेकिन वीरेन्द्र सहवाग ने अपने क्रिकेट करियर में एक ऐसी पहचान बनाई है जिसे आज भी उनके फैन्स याद करते हैं। वीरेन्द्र सहवाग (Virender Sehwag) भारत के सलामी बल्लेबाज और आक्रामक बल्लेबाज रहे हैं। प्यार से लोग उन्हें वीरू पुकारते हैं।

कई लोग उन्हें नजफगढ़ का नबाब भी बोलते हैं। सहवाग राईट हेंड के बल्लेबाज और राईट हेंड के ऑफ स्पिन गेंदबाज भी रहे हैं। सहवाग दो बार विजडन लीडिंग क्रिकेटर ऑफ ईयर भी चुने गयें थे। सहवाग ने पहला वनडे मैच 1999 में और पहला टेस्ट मैच 2001 में खेला था।

वीरेन्द्र सहवाग का बचपन -

वीरेंद्र सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर सन 1978 को हरियाणा में हुआ था। इनके पिता किशन सहवाग और माता कृष्णा सहवाग हैं। वीरू बचपन से क्रिकेट के काफी शौकीन थे। वर्तमान में सहवाग का परिवार दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में रहता हैं। सहवाग की पत्नी का नाम आरती है, इनके दो बच्चें हैं। सहवाग का उप नाम वीरू और मुल्तान का सुल्तान हैं। भारत के ही नहीं विदेशों में भी लोग वीरेन्द्र सहवाग की आक्रमक बल्लेबाजी के कायल रहे हैं।

वीरेन्द्र सहवाग का क्रिकेट सफर -

सहवाग की बल्लेबाजी से पूरी दुनिया के गेंदबाज का खौफ खाते थे । उनका खेलने का तरीका आक्रमक था। मैच की पहली गेंद से लास्ट तक एक ही तरीके से बल्लेबाजी करके गेंदबाजो की कमर तोड़ने में सहवाग माहिर थे। स्टेडियम में बैठे सभी लोग और टीवी पर मैच देख रहे सभी दर्शक सहवाग की बल्लेबाजी देखने के लिये उत्साहित रहते थें। सहवाग से न केवल इमरान खान बल्कि हेडली, अख्तर, मलिक, उमर गुल और लासित मलिंगा जैसे गेंदबाज भी खौफ खाते थे।

सहवाग भारत के सफल सलामी बल्लेबाज रहे हैं और टीम को तेज और ठोस शुरुआत देते थें। जब तक सहवाग क्रीज पर होते थे तब विरोधियों के माथे पर चिंता की लकीरें होती थीं। सहवाग ने पहला वनडे मैच 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। यह दौरा सहवाग के लिये बहुत की मुश्किल भरा रहा। पहले मैच में 1 रन तथा बोलिंग में 3 ओवर में 35 रन दे डाले थे।

क्रिकेट में वीरेन्द्र सहवाग के रिकार्ड्स -

1- टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहले विकेट के लिये साझेदारी 410 रनों की राहुल द्रविड़ के साथ।

2- 2010 में सहवाग ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 60 गेंदों में वनडे शतक जड़ा था।

3- एकदिवसीय मैचों 219 रनों की पारी।

4- टेस्ट में 2 बार तिहरा शतक।

5- टेस्ट मैचों में सहवाग ने सबसे तेज तिहरा शतक लगाया 278 गेंद में 319 टेस्ट पारी।

6- टेस्ट में सहवाग ने गेंदबाजी से भी एक बार कमाल दिखाया था, एक बार 5 टेस्ट विकेट सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी।

7- सहवाग के नाम वनडे और टेस्ट मैचों में तेज खेलने का विश्व रिकार्ड्स।

वीरेन्द्र सहवाग से जुड़ी कुछ खास बातें -

* सहवाग ने खुद कहा हैं मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि टेस्ट है या वनडे

* वीरेन्द्र सहवाग ने अपने करियर की शुरुआत क्रिकेट से नहीं बल्कि एक फार्मेसी से की थी

* बहुत ही कम लोगो को मालूम होगा कि सहवाग पहले टी-20 के कप्तान थे

* पाकिस्तान के मुल्तान में तिहरा शतक लगाने के लिये लोग उन्हें प्यार से मुल्तान का सुल्तान कहते हैं

* सहवाग को अपने माँ के हाथों से बनी खीर पसंद हैं

* कुछ लोग सहवाग को दूसरा सचिन भी कहते थे। सहवाग सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानते हैं

* सहवाग टेस्ट मैच को भी टी- 20 की तरह खेलते थे।

* वीरेन्द्र सहवाग ने 2011 के विश्व कप के मैचों में 5 बार पारी की शुरुआत चौकों से की थीं

* सहवाग एक दिवसीय मैचों में 15 शतको में से 10 बार मैंन ऑफ द मैच के पुरस्कार से सम्मानित किये गये हैं

* सहवाग के बारे यह कहा जाता है की अगर वे 99 पर भी खेल रहे होते है तब भी वे सिक्सर मारकर शतक पूरा करेंगे और कई बार यह देखने को मिला भी है।

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