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IND vs SA: भारत की नजरें सीरीज 5-1 से जीतने पर, प्लेइंग इलेवन में हो सकते हैं कई बड़े बदलाव

श्रृंखला में ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय टीम शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ छठे और आखिरी वनडे में अपनी बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने उतरेगी जबकि मेजबान का प्रयास प्रतिष्ठा बचाने का होगा।

IND vs SA: भारत की नजरें सीरीज 5-1 से जीतने पर, प्लेइंग इलेवन में हो सकते हैं कई बड़े बदलाव

श्रृंखला में ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय टीम शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ छठे और आखिरी वनडे में अपनी बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने उतरेगी जबकि मेजबान का प्रयास प्रतिष्ठा बचाने का होगा। भारतीय टीम छह मैचों की श्रृंखला पहले ही 4-1 से जीत चुकी है। उसे एकमात्र पराजय जोहानिसबर्ग में वर्षाबाधित चौथे वनडे में मिली थी। पिछले मैच में मिली जीत के साथ भारत ने आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर वन का स्थान दक्षिण अफ्रीका से छीन लिया है। भारत उसी लय को कायम रखने के इरादे से उतरेगा क्योंकि इसके बाद टी-20 श्रृंखला भी तुरंत होनी है।

भारत के पास बेंच स्ट्रेंथ आजमाने का मौका

इस साल लंबे विदेशी सत्र को ध्यान में रखते हुए कप्तान विराट कोहली बेंच स्ट्रेंथ को भी आजमाना चाहेंगे। भुवनेश्वर कुमार ने श्रीलंका में सीमित ओवरों की श्रृंखला के बाद से लगातार खेला है जिसमें 19 वनडे, छह टी-20 मैच और दो टेस्ट शामिल है। जसप्रीत बुमराह भी 20 वनडे और आठ टी20 खेल चुके हैं। टेस्ट श्रृंखला खेलने से उनका कार्यभार और बढ गया। दोनों को आराम की जरूरत है। भारत के वैकल्पिक तेज गेंदबाजों को भी आजमाना जरूरी है।

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टीम इंडिया की 2019 विश्व कप पर भी होगी नजर

श्रीलंका दौरे के बाद से भारत ने 20 वनडे खेले हैं और भुवनेश्वर बुमराह की जोड़ी सिर्फ एक में बाहर रही जो बेंगलूरू में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया था। टीम इंडिया की इन दोनों पर निर्भरता बढती जा रही है लेकिन 2019 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए टीम प्रबंधन दूसरों को भी आजमाना चाहेगा। मोहम्मद शमी ने 2015 विश्व कप के बाद सिर्फ तीन वनडे खेले हैं। चोट से लौटने के बाद उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछले साल दो और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक मैच खेला। मौजूदा टीम में चौथे तेज गेंदबाज शरदुल ठाकुर ने दो वनडे ही खेले हैं। भारत को भुवनेश्वर और बुमराह से आगे भी तेज आक्रमण के बारे में सोचना होगा।

भारत के लिए मध्यक्रम चिंता का विषय

मध्यक्रम पर भी गौर करने की जरूरत है। इस श्रृंखला में चौथे से सातवें नंबर के बल्लेबाजों के बीच सिर्फ एक अर्धशतक बना है। अजिंक्य रहाणे ने डरबन में अर्धशतक बनाया जबकि एम एस धोनी ने वांडरर्स पर 43 गेंद में नाबाद 42 रन बनाए। श्रेयस अय्यर दोनों मैचों में अच्छी शुरूआत को बढिया पारी में नहीं बदल सके । रहाणे नंबर चार पर विफल रहे जबकि हार्दिक पंड्या चार मैचों में 26 रन ही बना सके । भारत के लिये शीर्ष क्रम ने अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन मध्यक्रम अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका। मनीष पांडे और दिनेश कार्तिक को टीम में होते हुए अभी तक एक भी मैच नहीं मिला है।

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टीमें :

भारत : विराट कोहली ( कप्तान ), शिखर धवन, रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, दिनेश कार्तिक, केदार जाधव, एम एस धोनी, हार्दिक पंड्या, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, शरदुल ठाकुर

दक्षिण अफ्रीका : एडेन मार्करेम ( कप्तान) , हाशिम अमला, जेपी डुमिनी, इमरान ताहिर, डेविड मिलर, मोर्नी मोर्कल, क्रिस मौरिस, एल एंगिडि, एंडिले पी, कागिसो रबाडा, तबरेज शम्सी, के जोंडो, फरहान बेहार्डियेन, हेनरिच क्लासेन, एबी डिविलियर्स

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