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IND vs SA: चहल का रिकॉर्ड प्रदर्शन, रोहित का विवाद, 2 रन के लिए 40 मिनट का इंतजार, ये है मैच की 5 बड़ी बातें

युजवेंद्र चहल ने दक्षिण अफ्रीका पर कहर बरपाकर भारत को दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में रविवार को सेंचुरियन में 9 विकेट से बड़ी जीत दिलाई।

IND vs SA: चहल का रिकॉर्ड प्रदर्शन, रोहित का विवाद, 2 रन के लिए 40 मिनट का इंतजार, ये है मैच की 5 बड़ी बातें
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युजवेंद्र चहल ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और कलाईयों के दूसरे गेंदबाज कुलदीप यादव के सहयोग से फिर से दक्षिण अफ्रीका पर कहर बरपाकर भारत को दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में रविवार को सेंचुरियन में 9 विकेट से बड़ी जीत दिलाई। चहल ने 22 रन देकर पांच विकेट लिए जबकि कुलदीप ने 20 रन देकर तीन विकेट चटकाए जिससे दक्षिण अफ्रीकी टीम अपनी सरजमीं पर अब तक के अपने सबसे न्यूनतम स्कोर 118 रन पर आउट हो गई। भारत ने केवल 20.3 ओवर में एक विकेट पर 119 रन बनाकर छह मैचों की श्रृंखला में 2-0 से बढ़त बनाई।

जब खेल रोका गया भारत जीत से 2 रन था दूर

भारत की तरफ से सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (नाबाद 51) और कप्तान विराट कोहली (नाबाद 46) ने दूसरे विकेट के लिए 93 रन की अटूट साझेदारी की। दक्षिण अफ्रीकी पारी जल्द समाप्त होने के कारण भारत को तुरंत ही अपनी पारी शुरू करनी पड़ी लेकिन तब अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गयी जब अंपायरों ने नियमों के अधीन उस समय लंच घोषित कर दिया जब भारतीय टीम लक्ष्य से केवल दो रन दूर थी।

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भारत की सबसे बड़ी जीत

भारत ने आखिर में 177 गेंद शेष रहते हुए जीत हासिल की जो उसकी शेष गेंदों के हिसाब से भारत से बाहर किसी टेस्ट खेलने वाले देश पर सबसे बड़ी जीत है। इस लिहाज से यह दक्षिण अफ्रीका की अपनी सरजमीं पर सबसे बड़ी हार है। डरबन में खेले गए पहले मैच की तरह इस मैच में भारत के कलाईयों के स्पिनरों का ही जादू चला। चहल और कुलदीप दोनों ने 42 रन दिये और आठ विकेट लिए और दक्षिण अफ्रीका को 32.2 ओवर में ढेर करने में मुख्य भूमिका निभाई।

चहल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

चहल का प्रदर्शन दक्षिण अफ्रीका में किसी भारतीय स्पिनर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले युवराज सिंह ने 2003 में पीटरमैरित्जबर्ग में छह रन देकर चार विकेट लिये थे। चहल दक्षिण अफ्रीकी सरजमीं पर पांच विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज भी हैं। उनसे पहले आशीष नेहरा ने 2003 में पोर्ट एलिजाबेथ में इंग्लैंड के खिलाफ 23 रन देकर छह विकेट लिये थे।

इस तरह पंगु बनी दक्षिण अफ्रीकी टीम

अनुभवी एबी डिविलियर्स और कप्तान फाफ डुप्लेसिस के चोटिल होने से पंगु बनी दक्षिण अफ्रीकी टीम के पांच बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुंचे लेकिन कोई भी 25 से अधिक रन नहीं बना पाया। दक्षिण अफ्रीका ने अपने आखिरी छह विकेट 19 रन के अंदर गंवाये। इससे पहले उसका अपनी धरती पर न्यूनतम स्कोर 119 रन था जो उसने इंग्लैंड के खिलाफ 2009 में पोर्ट एलिजाबेथ में बनाया था। यह इस मैदान पर किसी भी टीम का न्यूनतम स्कोर है। इससे पहले जिम्बाब्वे ने 2009 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यहां 119 रन बनाए थे।

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धवन और कोहली ने जीत तक पहुंचाया

भारतीय बल्लेबाजों को इस तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। रोहित शर्मा (15) ने मोर्ने मोर्कल के पहले ओवर में ही छक्का जड़कर अपने इरादे जतला दिये थे। वह हालांकि लगातार दूसरे मैच में देर तक नहीं टिक पाये और कैगिसो रबादा के बाउंसर पर हुक करके फाइन लेग पर कैच दे बैठे। इसके बाद धवन और कोहली ने सहजता से रन बटोरे। कोहली ने पिछले मैच की अपनी शतकीय पारी को ही आगे बढ़ाया। रबाडा की उठती गेंद को उन्होंने फाइन लेग पर छह रन के लिये भी भेजा। दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर इमरान ताहिर और तबरेज शम्सी प्रभावित नहीं कर पाये। धवन और कोहली ने आसानी से उनके सामने रन बटोरे। बायें हाथ के बल्लेबाज धवन ने 49 गेंदों पर अपना 24वां वनडे अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 56 गेंदें खेली तथा नौ चौके लगाये। कोहली की 50 गेंद की पारी में चार चौके और एक छक्का शामिल है।

पहली बार वनडे में कप्तानी कर रहे एडेन मार्कराम के लिए बुरा रहा अनुभव

दूसरी तरफ पहली बार वनडे में कप्तानी कर रहे एडेन मार्कराम के लिये शुरू से कुछ भी अच्छा नहीं रहा। पहले वह टास हार गये और कोहली ने उनकी टीम को बल्लेबाजी को लिये आमंत्रित किया। पिच काफी शुष्क थी और उसमें भारत के कलाईयों के दोनों स्पिनरों ने पर्याप्त टर्न हासिल किया। हाशिम अमला (23) और क्विटंन डिकाक (20) ने पहले विकेट के लिये 39 रन जोड़े लेकिन दसवें ओवर में यह साझेदारी टूटने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने लगातार विकेट गंवाये। अमला को भुवनेश्वर ने विकेट के पीछे कैच कराया। स्पिनरों के आक्रमण पर आते ही दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी की कमजोरी फिर से खुलकर सामने आ गयी। उसने 51 रन पर तीन विकेट गंवाए।

डिकाक को चहल ने डीप मिडविकेट पर कैच कराया जबकि कुलदीप ने मार्कराम (आठ) को इसी तरह से कैच देने के लिये मजबूर किया। इसके चार गेंद बाद कुलदीप की तेजी से स्पिन लेती गेंद पर डेविड मिलर (शून्य) भी पवेलियन लौट गये। जेपी डुमिनी (25) और अपना पहला वनडे मैच खेल रहे खायलिले जोंडो (25) ने 48 रन जोड़कर दक्षिण अफ्रीका की उम्मीद जगायी। जोंडो ने चहल पर स्लॉग स्वीप करने के प्रयास में मिडविकेट पर कैच दिया। चहल और कुलदीप के सामने दक्षिण अफ्रीका के पुछल्ले बल्लेबाज भी बगलें झांकते हुए नजर आये। क्रिस मौरिस ने आखिरी बल्लेबाज के रूप में आउट होने से पहले 14 रन बनाये। जसप्रीत बुमराह (12 रन देकर एक) और भुवनेश्वर कुमार (19 रन देकर एक) ने भी एक-एक विकेट लिया।

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