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हिसार के किसान ने गरीबी को नहीं बनने दिया बेटे के भविष्य में बाधा, मजदूरी कर बनाया एथलीट

हिसार के रहने वाले एथलीट कृष्ण को एथलीट बनने से गरीबी भी नहीं रोक सकी। माता-पिता ने की कड़ी मेहनत और दूसरों के खेतों में काम बेटे का भविष्य बनाया है।

गरीबी को नहीं बनने दिया बेटे के भविष्य में बाधा, खेतों मे मजदूरी करके बनाया एथलीटNational Athlete Krishna: Poverty is no bar

मां-बाप ने दूसरे के खेतों में काम कर बेटे के सपने को पूरा किया है। बेटे कृष्ण को राष्ट्रीय स्तर का एथलीट बनाने में दिन-रात मेहनत की है। किराए के मकान में रखकर गरीबी को कभी बेटे के भविष्य में रोड़ा नहीं बनने दिया। वहीं बेटे कृष्ण ने भी दिन रात एक कर मां-बाप का नाम रोशन किया है। जिसके दम पर नार्थ जोन चैंपियनशिप में गोल्ड जीता है।

कृष्ण ने बताया कि उसका सपना पूरा करने के लिए मां-बाप को दूसरों के खेतों में मजदूरी तक करनी पड़ी। अब उनका एक ही सपना है कि वह अपने खेल से माता-पिता का नाम रोशन करें। उनके माता-पिता आज भी गांव मे रहते हैं। ढ़ाई साल से हिसार में मकान किराए पर लेकर रह रहे हैं।

स्कूल में दौड़ से गोल्ड मेडल तक का सफर

एथलेटिक खिलाड़ी कृष्ण बताते हैं कि उन्होंने अपनी दौड़ की शुरूआत गांव के स्कूल के प्रार्थना स्थल से की थी। जहां वह खो-खो के दौरान अपने दोस्तों के साथ दौड़ा करते थे। धीरे-2 दौड़ में उनकी रुचि बढ़ती गई और इस तरह शुरू हुआ उनका नेश्नल एथलीट का करियर। कृष्ण ने 2018 में नार्थ जोन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था।

रोजाना कर रहे हैं पांच घंटे तक अभ्यास

एथलेटिक खिलाड़ी कृष्ण हर रोज पांच घंटे तक अभ्यास कर रहे हैं। ताकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीत सकें। कृष्ण बताते हैं कि मैदान पर दिन में रोज पांच घंटे पसीना बहा रहे हैं।

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