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इसलिए खेला जा रहा है ग्रीनपार्क में 500वां टेस्‍ट

इसके पीछे कई रोचक कारण है।

इसलिए खेला जा रहा है ग्रीनपार्क में 500वां टेस्‍ट
कानपुर. गंगा तट पर स्थित कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में गुरुवार से भारत-न्यूजीलैंड के बीच खेले जाने वाले टेस्ट मैच में सब कुछ ऐतिहासिक होगा। यह भारतीय टीम का 500वां टेस्ट मैच है। प्रबंधन और प्रशंसकों के साथ ही कोहली की सेना भी चाहती है कि टीम इंडिया ऐसी जीत हासिल करे जो स्वर्ण अक्षरों के साथ इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाए। इस टेस्ट के साथ भारत के 13 टेस्ट मैचों के लंबे घरेलू सत्र की शुरुआत भी होगी।
न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जाने वाले इस टेस्ट मैच के लिए कानपुर के ग्रीनपार्क को ही क्यों चुना गया, इसके पीछे कई रोचक कारण है।

आईए जानते हैं कि क्या हैं वो रोचक कारण...

  • कानपुर का ग्रीनपार्क स्टेडियम देश के प्राचीन स्टेडियम में से एक है।
  • ग्रीन पार्क स्टेडियम को 1876 में अंग्रेजों ने बनवाया था।
  • इस मैदान पर अब तक 21 टेस्ट मैच खेले जा चुके है।
  • साल 1889 में अंग्रेज इस स्टेडियम का प्रयोग क्रिकेट के अलावा और भी बहुत सारे खेलों के लिए करते थे।
  • साल 1952 में यहां पहला टेस्ट मैच भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया था।
  • बड़ा मैदान होने के कारण इसे टेस्ट मैदानों में जगह मिली।
  • आज से पहले साल 2008 में इंडिया ने यहां श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच खेला था, जिसमें उसे जीत मिली थी।
  • इस मैदान की दर्शक क्षमता 45,000 है।
  • यह स्टेडियम उत्तर प्रदेश सरकार के खेल मंत्रालय के अधीन है।
  • यह उत्तर प्रदेश का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम है।
  • अब तक इस मैदान पर 32 शतक लगे हैं, जिसमें से 19 शतक भारतीयों ने लगाए हैं।
  • इस मैदान पर 600 से अधिक का स्कोर 3 बार बनाया गया है।
  • इस मैदान पर सबसे ज्यादा 25 विकेट पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने लिए हैं।
  • वहीं 3 मैचों में स्पिनर अनिल कुंबले ने 21 विकेट लिया है और अनिल ही इस समय टीम इंडिया के कोच हैं।
  • इस मैदान पर भारतीय बल्लेबाजों में से सबसे बड़ा स्कोर पूर्व कप्तान मो. अजहरूद्दीन के नाम है।
  • अजहर ने 1986 में श्रीलंका के खिलाफ 199 रनों की पारी खेली थी।
क्यों पड़ा ग्रीन-पार्क नाम?
इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी है, कहा जाता है कि साल 1940 में ये स्टेडियम केवल एक मैदान था। जहां एक बेहद ही खूबसूरत अंग्रेज महिला घुड़सवारी करने आती थी। इस मैदान के पास से ही गंगा नदी गुजरती है इसलिए उस समय लोग इस मैदान पर सैर के लिए भी आते थे। वह महिला भी घुड़सवारी का आंनद उठाती थी। महिला का नाम ग्रीन था इसलिए इस स्टेडियम का नाम ग्रीनपार्क पड़ गया। इतना रोचक इतिहास होने के कारण ही बीसीसीआई ने इसे ऐतिहासिक 500वें टेस्ट के लिए चुना है।
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