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लगातार तीन टेस्ट सीरीज जीतने वाले पहले कप्तान अजीत वाडेकर का निधन, 3 रुपए के लिए बने थे क्रिकेटर

बुधवार को भारतीय क्रिकेट को भारी नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि इंग्लैंड में श्रृंखला जीतने वाले पहले कप्तान अजीत वाडेकर का मुंबई में लंबी बीमारी के कारण 77 साल की उम्र में निधन हो गया।

लगातार तीन टेस्ट सीरीज जीतने वाले पहले कप्तान अजीत वाडेकर का निधन, 3 रुपए के लिए बने थे क्रिकेटर

बुधवार को भारतीय क्रिकेट को भारी नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि इंग्लैंड में श्रृंखला जीतने वाले पहले कप्तान अजीत वाडेकर का मुंबई में लंबी बीमारी के कारण 77 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के जसलोक अस्पताल में अपनी आखिरी सांस ली।

वाडेकर ने 1966 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने करियर की शुरुआत की और 37 टेस्ट और दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने वाडेकर ने टेस्ट में 31.07 के औसत से 2,113 रन बनाए। उन्होंने एक शतक और 14 अर्धशतक लगाया था।

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वाडेकर तेज बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते थे और एक बार जब उन्होंने टाइगर पदौती से कप्तानी संभाली तो उन्होंने टीम को अपने तरीके से नेतृत्व किया। उनकी 14 टेस्ट अर्धशतक में 1968 में मेलबोर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 99, इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स (19 67) 99 और 1971 में लॉर्ड्स में उसी इंग्लैंड के खिलाफ 85 रनों की पारी शामिल थे।

बता दें कि अजीत वाडेकर ने 16 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की, जिसमें से चार मैच जीते, चार हारे और आठ मैच ड्रॉ रहे। अजित वाडेकर भारतीय क्रिकेट टीम के पहले कप्तान थे जिन्होंने लगातार तीन टेस्ट सीरीज जीतने का रिकॉर्ड बनाया था। इसके साथ ही वह कोच, मैनेजर और चयन समिति के अध्यक्ष भी रहे थे।

3 रुपए के लिए बने थे क्रिकेटर

अजीत वाडेकर अपने सीनियर और पड़ोसी बालू गुप्ते के साथ एक बार बस से कॉलेज जा रहे थे। गुप्ते ने अजीत से पूछा कि क्या आप कॉलेज की टीम में 12वें खिलाड़ी बनेंगे? इसके लिए आपको तीन रुपए मिलेगें। बालू उस समय कॉलेज की क्रिकेट टीम में थे। इसके बाद अजीत कॉलेज की क्रिकेट टीम में शामिल हो गए। फिर उसके बाद भारतीय टीम के कप्तान तक का सफ़र तय किया।

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