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धोनी ने खुद बताया, क्यों छोड़ी टीम इंडिया की कप्तानी

धोनी ने बताया कि क्रिकेट में आपका खुद का रिकॉर्ड इतना मायने नहीं रखता जितना की टीम का प्रदर्शन।

धोनी ने खुद बताया, क्यों छोड़ी टीम इंडिया की कप्तानी
पुणे. भारत और इंग्लैंड के बीच 15 जनवरी से खेले जाने वाले वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के सामने आए। उन्होंने मीडिया को बताया कि वह टीम के नए कप्तान विराट कोहली को अपनी राय लगातार देते रहेंगे। साथ ही उन्होंने कोहली की टेस्ट कप्तानी की जमकर तारीफ की।
धोनी ने बताया कि कोहली को टीम का कप्तान बनाने का यह सही समय था। जब पत्रकारों ने धोनी से उनकी कप्तानी पर पूछा कि वह कैसे अपनी कप्तानी को आंकते हैं, तो टीम इंडिया के इस कूल पूर्व कैप्टन ने कहा कि उनकी कप्तानी एक सफर की तरह रही।
धोनी ने कहा, 'कप्तानी करते हुए मेरी जिंदगी में खुशी के मौके भी आए और मुश्किल वक्त भी आया। कुल मिलाकर यह एक सफर जैसा था।' इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में धोनी पत्रकारों से क्रिकेट के जुड़े हर मुद्दे पर बात की और हमेशा की तरह बेबाक बोलने वोले धोनी ने अपने उसी अंदाज में पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। किसी चीज के पछतावे के सवाल पर धोनी ने कहा कि वह जिंदगी में किसी चीज का पछतावा नहीं करते, जब आप कुछ चीजों से नहीं डरते, तो यह रवैया आपको मजबूत बनाता है।
धोनी ने टीम इंडिया के भविष्य को भी शानदार बताया। उन्होंने कहा, 'आज हमारे पास ऐसे शानदार बोलर्स का पूल है, जो कहीं भी किसी भी परिस्थितियों में गेंदबाजी कर सकते हैं। इसी तरह हमारे पास बेहतर से बेहतर बैट्समैन हैं। इससे टीम को किसी खिलाड़ी के चोटिल होने पर कोई समस्या नहीं होती।'
धोनी ने कहा कि भले ही इस बात को माना जाए या नहीं, लेकिन एक विकेटकीपर हमेशा टीम में वाइस कैप्टन की तरह होता है। वह खेल पर अपनी सलाह अपने कैप्टन को देता है। मैं भी इसी तरह विराट को हर उपयोगी सलाह देता रहूंगा। धोनी से जब पूछा गया कि वह अब अपनी पहली वाली भूमिका में लौट रहे हैं, तो क्या वह पहले की तरह अपने बाल भी लंबे करेंगे, तो उनका जवाब था, 'अब बाल लंबे नहीं करूंगा।'
इसके अलावा अपने बैटिंग ऑर्डर के सवाल पर माही ने कहा, 'मैं टीम की जरूरत के हिसाब से अपना बैटिंग ऑर्डर चेंज करूंगा।' जब उनसे वनडे कप्तानी में चुनौतियों के बारे में पूछा गया, तो भारत के इस सबसे सफल कप्तान ने कहा, 'टेस्ट की अपेक्षा वनडे में कप्तानी करना आसान रहता है। भले ही यहां आपको जल्दी-जल्दी निर्णय लेने होते हैं, फिर भी यह टेस्ट की कप्तानी की अपेक्षा आसान है। कोहली पहले से टेस्ट मैचों में कप्तानी कर रहे हैं, तो इस नई जिम्मेदारी से उन पर कोई खास दबाव नहीं होगा।' धोनी ने क्रिकेट को शारीरिक खेल के साथ-साथ दिमागी खेल भी बताया उन्होंने कहा कि खिलाड़ी हर वक्त एक ही माइंडसेट में नहीं होता। इसलिए उसके सामने चैलेंज आते रहते हैं।
धोनी ने बताया कि वह हमेशा ही नए खिलाड़ियों को ऊपर खेलने का मौका देना चाहते थे, इसलिए अपनी कप्तानी में वह निचले क्रम में बैटिंग करने आते थे। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में आपका खुद का रिकॉर्ड इतना मायने नहीं रखता जितना की टीम का प्रदर्शन।
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