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इन 5 फेमस क्रिकेटर्स के पास नहीं थे रोटी खाने के भी पैसे, अब हैं करोड़पति

आज भले ही क्रिकेटर्स करोड़ों में कमा रहे हैं लेकिन कुछ क्रिकेटर्स ऐसे भी हुए हैं जो दिन में दो वक्त का भोजन तक नहीं कर सकते थे। हालांकि अपने कठिन मेहनत और जुनून के दम पर आज उन्होंने दुनिया में खेल की बदौलत अपनी पहचान भी बनाई और आज करोड़ों की कमाई भी कर रहे हैं।

इन 5 फेमस क्रिकेटर्स के पास नहीं थे रोटी खाने के भी पैसे, अब हैं करोड़पति

भारत में क्रिकेट को एक धर्म के रूप में माना जाता है। यहां तक ​​कि अन्य देशों में भी खेल ने बहुत प्रसिद्धि हासिल की है। वे दिन लद गए जब क्रिकेट अमीरों का खेल हुआ करता था। आज क्रिकेट दुनिया भर में कई लोगों के लिए आजीविका का स्रोत बन गया है। आज भले ही क्रिकेटर्स करोड़ों में कमा रहे हैं लेकिन कुछ क्रिकेटर्स ऐसे भी हुए हैं जो दिन में दो वक्त का भोजन तक नहीं कर सकते थे। हालांकि अपने कठिन मेहनत और जुनून के दम पर आज उन्होंने दुनिया में खेल की बदौलत अपनी पहचान भी बनाई और आज करोड़ों की कमाई भी कर रहे हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से हम उन पांच फेमस क्रिकेटर्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपने शुरूआती दिनों में बहुत गरीब थे।

1. रवींद्र जडेजा

सौराष्ट्र का 30 वर्षीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा भारतीय क्रिकेट टीम का एक अहम सदस्य बन गया है। हालांकि यहां तक का सफर जडेजा के लिए इतना आसान नहीं रहा है। रवींद्र जडेजा के पिता एक प्राइवेट कंपनी में एक वाचमैन (चौकीदार) हुआ करते थे। वे 3 भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। इसके अलावा जडेजा ने महज 17 साल की उम्र में अपनी मां को खो दिया था। बचपन से ही उनके परिवार को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। जडेजा के पिता की कमाई से मुश्किल से ही उनके परिवार का भरण पोषण हो पाता था। उनके पिता चाहते थे कि वे एक सेना का अधिकारी बनें।


अपनी मां की मृत्यु से रवींद्र जडेजा बिलकुल टूट गए थे और उन्होंने लगभग खेल छोड़ने का फैसला कर लिया था। हालांकि उनकी बहन ने उनका समर्थन किया और उन्हें अपने पैशन को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। अपने कठिन समय में अपनी बहन के समर्थन के कारण ही वह ऐसा क्रिकेटर बना जिसे आज हम 'सर रवींद्र जडेजा' के नाम से जानते हैं। विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करने के बाद रवींद्र जडेजा इस समय वेस्टइंडीज के दौरे पर भारतीय टीम का हिस्सा है।

2. मुनाफ पटेल

टीम इंडिया की ओर से खेल चुके तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल का बचपन बेहद अभावों में गुजरा। मुनाफ एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे जहां उनके पिता एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। जल्द ही मुनाफ पटेल ने परिवार को सपोर्ट करने के लिए एक मार्बल के कारखाने में काम करना शुरू कर दिया। इस कारखानों में वह नाईट शिप्ट में काम करते थे, आठ घंटे काम करने के बाद उन्हें 35 रुपए मिलते थे।


इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में मुनाफ पटेल ने कहा कि उन्हें यूसुफ भाई नाम के एक व्यक्ति द्वारा किए गए एहसान के कारण करियर के रूप में क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिला, जिसने उन्हें जूते खरीद कर दिए और उन्हें एक क्रिकेट क्लब से मिलवाया। पटेल ने कहा कि पूर्व भारतीय विकेटकीपर किरण मोरे ने भी उनके करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

3. पठान ब्रदर्स (इरफान पठान और यूसुफ पठान)

इरफान पठान और यूसुफ पठान दोनों भाइयों ने लंबे समय तक भारत के लिए खेला। इस समय बड़े भाई यूसुफ पठान आईपीएल खेल रहे हैं जबकि इरफान पठान कमेंट्री में बिजी है। लेकिन एक समय दोनों भाई बेहद गरीब थे और उनके पास रहने को घर तक नहीं था। पठान ब्रदर्स एक मस्जिद में रहते थे और उनके पिता 250 रुपए कमाते थे, उसी से परिवार का गुजारा चलता था। उनके पिता फटे हुए जूते पहनते थे लेकिन बेटों को कोई कमी नहीं रहने थे। उनके पिता मस्जिद में काम करते थे और चाहते थे कि दोनों भाई इस्लामिक स्कॉलर बनें।


हालांकि दोनों भाइयों ने एक अलग रास्ता चुना जिसने उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया। छोटे पठान (इरफान पठान) ने पूर्व भारतीय कप्तान दत्ता गायकवाड़ के मार्गदर्शन में अपने करियर की शुरुआत की। वह वर्ष 2003 में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। दूसरी ओर उनके बड़े भाई यूसुफ पठान ने चार साल बाद दक्षिण अफ्रीका में उद्घाटन वर्ल्ड टी20 के फाइनल में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया।

4. डेल स्टेन

साउथ अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन को क्रिकेट के इतिहास में सबसे अच्छे तेज गेंदबाजों में से एक माना जाता है। हालांकि डेल स्टेन के लिए यहां तक का सफर इतना आसान नहीं रहा है। शुरूआती दिनों में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। उनके पिता एक खदान में काम करते थे। 2004 में वह मुश्किल से एक जोड़ी जूते खरीद सकते थे। इसके बारे में डेल स्टेन ने खुद बताया था कि मेरे पास एक जोड़ी जूते थे और मुझे उन्हें खुद खरीदना था जब मैंने पहली बार अंतर्राष्ट्रीय खेलना शुरू किया था। मेरे पास एक से अधिक के लिए पैसा नहीं थे। वॉन राइट नामक एक स्कूल शिक्षक ने उनका ध्यान क्रिकेट की ओर दिलाया। फिर उसके उसके बाद डेल स्टेन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज उनकी गिनती दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में होती है।


5. मोहम्मद इरफान

पाकिस्तान के 7.1 फुट के गेंदबाज मोहम्मद इरफान ने अपने डेब्यू इंटरनेशनल मैच में ही सुर्खियां बटोरी थी। हालांकि उन्हें क्रिकेटर बनने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। वह एक गरीब मजदूर फैमिली से आते थे। मोहम्मद इरफान को 6 भाई और 2 बहनें थीं। अपने भाइयों की तरह उन्होंने अपने मैट्रिक की पढाई के बाद एक कारखाने में काम करना शुरू कर दिया।


उनके पास इतने भी पैसे नहीं थे कि वह क्रिकेट के लिए जूते, शर्ट और पैंट खरीद सके। उन्हें सलवार कमीज पहनकर खेलना पड़ता था। मोहम्मद इरफान ने अब तक पाकिस्तान के लिए 4 टेस्ट, 60 एकदिवसीय और 20 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले हैं और अभी भी दुनिया भर में विभिन्न टी20 लीगों में खेल रहे हैं।

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