Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

आज है वो तारीख जब भारत ने पाकिस्तान को पहली बार वर्ल्डकप में हराया था, कायम है रिकॉर्ड

4 मार्च 1992 के वर्ल्डकप में सचिन तेंदुलकर (Sachin tendulkar) के प्रदर्शन के चलते भारत ने पाकिस्तान को 43 रनों से हराया था। वहीं वनडे वर्ल्डकप में भारत और पाकिस्तान अबतक सात बार भिड़ चुके हैं। लेकिन हर बार भारत ही जीता है।

1992 वर्ल्डकप का खिताब पाकिस्तान ने किया था अपने नाम
X

सचिन तेंदुलकर ने 1992 में पहवा वर्ल्डकप खेला था

खेल। आज से 29 साल पहले आज ही का वो दिन है, जब वनडे वर्ल्डकप सीरीज (ODI Worldcup) के एक मैच में भारत और पाकिस्तान (IND vs Pak) का आमना सामना हुआ था। 4 मार्च 1992 में सचिन तेंदुलकर (Sachin tendulkar) के प्रदर्शन के चलते भारत ने इस मैच को 43 रनों से जीत लिया था। वहीं वनडे वर्ल्डकप में भारत और पाकिस्तान की अबतक सात बार भिड़ चुके हैं। लेकिन हर बार भारत ही जीता है। भारत ने पाकिस्तान को 1992, 1996,1999, 2003, 2011, 2015 और इसके साथ ही 2019 के वर्ल्डकप के मैचों में मात दी थी।

दरअसल साल 1992 में इंग्लैंड को 22 रनों से हराने के बाद पाकिस्तान ने पहली बार वनडे वर्ल्डकप का खिताब अपने नाम किया था। उस समय पाकिस्तान की कप्तानी इमरान खान कर रहे थे। इस टीम में जावेद मियांदाद, वसीम अकरम, इंजमाम उल हक, आकिब जावेद और आमिर सोहैल जैसे दिग्गज खिलाड़ी शामिल थे। वहीं दूसरी ओर भारतीय टीम में सचिन तेंदुलकर, मोहम्मद अजहरूद्दीन, विनोद कांबली, अजय जडेजा और जवागल श्रीनाथ जैसे युवा खिलाड़ी थे। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 49 ओवर में सात विकेट खोकर 216 रन बनाए थे। इसके साथ ही भारत की ओर से के श्रीकांत और अजय जडेजा ओपनिंग के लिए उतरे। दोनों ने पहले विकेट के लिए 25 रन की साझेदारी खेली। जिसके बाद इस साझेदारी को 10वें ओवर में पाकिस्तानी तेज गेंदबाज आकिब जावेद ने तोड़ा। इसके बाद कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने जडेजा के साथ 61 रन जोड़े। वहीं अजहर 32 रन बनाकर आउट हुए और उसके बाद जडेजा भी क्रीज पर ज्यादा देर नहीं टिक सके।

मास्टर ब्लास्टर का शानदार अर्धशतक

जिसके बाद भारत की पारी को संभालने के लिए आए सचिन तेंदुलकर। यह उनका पहला वर्ल्डकप था जिसमें उन्होंने भारतीय टीम के तरफ से सबसे ज्यादा रन जोड़े। उस समय सिर्फ 29 साल के सचिन 54 रन पर आखिर तक नाबाद रहे। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके लगाए। इसके अलावा कपिल देव ने 26 गेंदों में दो चौके और एक छक्के की बदौलत 35 रन बनाए। जबकि पाकिस्तान की ओर से मुश्ताक अहमद ने तीन और आकिब जावेद ने दो विकेट लिए। वहीं वसीम हैदर को एक विकेट से ही संतुष्ट होना पड़ा।

इसके साथ ही लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम की शुरुआत ही काफी खराब रही। कपिल देव ने तीसरे ओवर में पाक के सलामी बल्लेबाज इंजमाम उल हक को दो रन पर ही रोक दिया। वहीं तीसरे नंबर पर आए जाहिद फजल भी अपने देश के लिए कुछ खास नहीं कर पाए। महज दो रन बनाकर मनोज प्रभाकर की गेंद पर पवेलियन लौट गए। हालांकि आमिर सोहैल और मियांदाद की साझेदारी से पाकिस्तान ने 88 रन जोड़े जिसके बाद ऐसा लगने लगा था कि ये मैच पाकिस्तान के नाम होगा। लेकिन बॉलिंग करने आए सचिन ने इस मैच का रूख ही बदल दिया। उन्होंने सोहैल को 62 रन पर एलबीडब्ल्यू कर दिया। जिसके बाद पाकिस्तान टीम सिर्फ 173 रनों पर सिमट गई। बता दें कि सचिन ने इस मैच में 10 ओवर में 37 रन देकर सोहैल का अहम विकेट झटका। कपिल देव, मनोज प्रभारकर और जवागल श्रीनाथ ने दो-दो विकेट अपने नाम किए। तो वेंकटपति राजू ने 1 विकेट लिया।

मोरे- मियांदाद की तकरार

इन सब के बावजूद इस ऐतिहासिक मैच में विकेटकीपर किरन मोरे और पाक बल्लेबाज जावेद मियांदाद के बीच कुछ ऐसा हुआ जिसने काफी सुर्खियां बटोरी। दरअसल उन दोनों के बीच की नोंकझोंक हर किसी के जहन में आज भी ताजा है। बता दें कि इस मुकाबले में मोरे लगातार अपील कर रहे थे जिसके बाद जावेद मियांदाद ने परेशान होकर अचानक पिच पर उछलना शुरू कर दिया था।

और पढ़ें
Next Story