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35 साल पहले लॉर्ड्स में भारत को मिली थी पहली जीत, ये क्रिकेटर था जीत का हीरो

On This Day: 10 जून 1986 को भारत ने पहली बार क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर ऐतिहासिक जीत हासिल की थी।

35 साल पहले लॉर्ड्स में भारत को मिली थी पहली जीत, ये क्रिकेटर था जीत का हीरो
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10 जून 1986 भारतीय टीम (Team India) ने पहली बार लॉर्ड्स (Lords) के ऐतिहासिक मैदान पर जीत का तिरंगा लहराया था। 

खेल। आज का दिन क्रिकेट इतिहास (Cricket History) के लिए बेहद ही खास है। दरअसल 10 जून 1986 यानी की आज से 35 साल पर पहले भारतीय टीम (Team India) ने पहली बार लॉर्ड्स (Lords) के ऐतिहासिक मैदान पर जीत का तिरंगा लहराया था। कपिल देव (Kapil Dev) की कप्तानी में भारतीय टीम ने इंग्लिश टीम (England) को क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स में 5 विकेट से शिकस्त दी थी। साथ ही इस मैदान में ये भारत की पहली जीत थी। इसलिए ये तारीख भारतीय टीम के लिए बेहद ही खास है। वहीं लॉर्ड्स के मैदान पर भारत को पहले 10 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। लेकिन भारत की 11वीं कोशिश रंग लाई और मेहमान टीम ने घुटने टेक दिए।

भारतीय टीम की जीत के हीरो कप्तान कपिल देव रहे, जिन्होंने दूसरी पारी में 4 विकेट और नाबाद 23 रन बनाए थे। वैसे इस जीत के असर हीरो दिलीप वेंगसरकर थे, जिन्होंने पहली पारी में 126 रन बनाए थे। इसके साथ ही वो लॉर्ड्स के मैदान पर लगातार तीन शतक ठोकने वाले पहले क्रिकेटर भी बने थे। पहली पारी में तेज गेंदबाज चेतन शर्मा ने भी इंग्लैंड के 5 विकेट चटकाते हुए जीत में अहम भूमिका अदा की थी।

इंग्लैंड के पहली पारी में 294 रन

बता दें कि मेजबान इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में सिर्फ 294 रन बनाए। ओपनर ग्राहम गूट ने शानदार 114 रनो की पारी खेली, डैरेक प्रिंगल ने भी 63 रन बनाए लेकिन इन दोनों के अलावा इंग्लैंड का कोई बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के आगे नहीं टिका। इंग्लैंड ने एक समय पहले 4 विकेट महज 98 रन पर गंवा दिये थे लेकिन इसके बाद गूच और प्रिंगल के बीच शतकीय साझेदारी हुई। हालांकि गूच का विकेट गिरते ही भारतीय टीम ने मेजबानों को धर-दबोचा, चेतन शर्मा ने महज 64 रन देकर 5 और रॉजर बिन्नी ने 3 विकेट चटकाए।

वहीं पहली पारी में भारत को एक ठोस बढ़त की जरूरत थी और ये काम दिलीप वेंगसरकर के कारण से हुआ। सुनील गावस्कर ने 34 और के श्रीकांत ने 20 रन बनाए लेकिन इसके बाद मोहिंदर अमरनाथ और कर्नल के नाम से मशहूर दिलीप वेंगसरकर की जोड़ी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को परेशान कर दिया। अमरनाथ ने 69 रनों की पारी खेली, अजहरुद्दीन ने भी 33 रनों का योगदान दिया। दिलीप वेंगसरकर ने 16 चौकों की मदद से नाबाद 126 रन बनाकर भारतीय टीम को 341 रनों तक पहुंचाया।

दूसरी पारी में गेंदबाजों का कमाल

भारतीय टीम के गेंदबाजों ने अपना असली कमाल दूसरी पारी में दिखाया, जिसमें इंग्लैंड का मजबूत बैटिंग लाइनअप दूसरी पारी में सिर्फ 180 रन ही बना सका। वहीं इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर को कपिल देव ने ढेर किया, उन्होंने ग्राहम गूच, टिम रॉबिन्सन और कप्तान डेविड गावर के विकेट लिये। इसके साथ ही चेतन शर्मा ने माइक गेटिंग का विकेट लिया जिन्होंने 40 रन बनाए। एलेन लैंब ने 39 रन बनाए और वो रवि शास्त्री का शिकार हुए, बाएं हाथ के स्पिनर मनिंदर सिंह ने दूसरी पारी में कमाल की गेंदबाजी की। मनिंदर ने 20.4 ओवर में 12 मेडन फेंके और 9 रन देकर इंग्लैंड के 3 विकेट चटकाए।

भारत को मिला 134 रनों का लक्ष्य

भारतीय टीम को जीत के लिए 134 रनों का लक्ष्य मिला, जवाब में भारत की शुरुआत खराब रही। श्रीकांत बिना खाता खोले आउट हुए और अमरनाथ 8 रन बनाकर पैवेलियन लौटे। दिलीप वेंगसरकर ने एक बार फिर 33 रनों का योगदान दिया और गावस्कर 22 रन बनाकर आउट हुए। एक समय भारत ने 110 रन पर 5 विकेट गंवा दिये थए लेकिन इसके बाद कपिल देव ने क्रीज पर उतरते ही ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए महज 10 गेंदों पर नाबाद 23 रन ठोक दिये। कपिल ने स्पिनर फिल एडमंड्स की गेंद पर छक्का लगाकर भारतीय टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। भारत को 54 सालों के इंतजार के बाद लॉर्ड्स में जीत मिली।

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