पाकिस्तान के अनुभवी क्रिकेटर अहमद शहजाद ने एक बार फिर इंडियन प्रीमियर लीग और पाकिस्तान सुपर लीग के बीच हो रही तुलना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। पीएसएल 2026 में अनसोल्ड रहने वाले शहजाद ने कहा कि दोनों लीग्स की तुलना करना सही नहीं क्योंकि खिलाड़ियों का स्तर और प्राथमिकता साफ तौर पर अलग।
शहजाद ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि पाकिस्तान सुपर लीग में खेलने वाले ज्यादातर विदेशी खिलाड़ी या तो इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर हो चुके हैं या फिर आईपीएल ऑक्शन में अनसोल्ड रह गए थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ का नाम लिया और कहा कि जिन खिलाड़ियों के पास IPL में खेलने का मौका होता है, वे हमेशा उसी को प्राथमिकता देते।
शहजाद ने पीएसएल की इज्जत उतारी
उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की भी आलोचना की, जो उन विदेशी खिलाड़ियों पर बैन लगाने की बात करता है, जो पीएसएल कॉन्ट्रैक्ट छोड़कर IPL खेलने जाते हैं। शहजाद ने सवाल उठाया कि आखिर कितने खिलाड़ियों को बैन करेंगे, जब हर खिलाड़ी आईपीएल में खेलना चाहता है।
पीएसएल बनाम आईपीएल विवाद
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पीएसएल में खेल रहे कुशल मेंडिस और राइली रुसो से पाकिस्तानी पत्रकारों ने IPL और PSL के अनुभव की तुलना करने को कहा। शहजाद ने इन सवालों को गैरजरूरी और अजीब बताया।
उन्होंने कहा कि मेंडिस अच्छा प्रदर्शन कर रहे लेकिन उनसे ऐसे सवाल पूछे जा रहे हैं जो खेल से जुड़े नहीं। वहीं रुसो के बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी, जिसमें रुसो ने IPL को बॉलीवुड फिल्म जैसा बताया था और कहा था कि असली क्रिकेट पाकिस्तान सुपर लीग में होता है।
'पीएसएल वही खेलते जिन्हें आईपीएल में मौका नहीं मिलता'
शहजाद के मुताबिक, पीएसएल में खेलते हुए कोई भी खिलाड़ी खुलकर आईपीएल की तारीफ नहीं कर सकता, क्योंकि इससे लीग और टीम के माहौल पर असर पड़ सकता है। ऐसे में खिलाड़ी अक्सर संतुलित या कूटनीतिक जवाब देते हैं।
गौरतलब है कि आईपीएल और पीएसएल के बीच तुलना का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। IPL को दुनिया की सबसे बड़ी और आर्थिक रूप से मजबूत T20 लीग माना जाता है, जबकि पाकिस्तान सुपर लीग भी अपनी पहचान बनाने की कोशिश में है। शहजाद के बयान ने एक बार फिर इस बहस को हवा दे दी है कि आखिर दोनों लीग्स के बीच असली अंतर क्या है और खिलाड़ियों की पहली पसंद कौन-सी लीग है