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फिर ECB पर लगे नस्लीय टिप्पणी के गंभीर आरोप, कैरेबियन मूल के खिलाड़ियों के साथ घटिया बर्ताव की खुली पोल

जमैका में जन्मे मॉरिस चैंबर्स (Maurice Chambers) नाम के क्रिकेटर ने एसेक्स और नॉर्थम्पटनशर के लिए खेलने के दौरान नस्लभेदी टिप्पणियों का सामना करने की बात कही है।

फिर ECB पर लगे नस्लीय टिप्पणी के गंभीर आरोप, कैरेबियन मूल के खिलाड़ियों के साथ घटिया बर्ताव की खुली पोल
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खेल। इंग्लैंड क्रिकेट (England Cricket) एक बार फिर नस्लीय टिप्पणियों के मामले में सुर्खियों में है। पाकिस्तानी मूल के अजीम रफीक ने यॉर्कशर क्रिकेट क्लब पर नस्लीय भेदभाव के आरोप लगाए थे, उसके बाद से ही काफी विवाद हो रहा है। वहीं कुछ और क्लबों पर भी भेदभावों के आरोप लगे थे। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है, जमैका में जन्मे मॉरिस चैंबर्स (Maurice Chambers) नाम के क्रिकेटर ने एसेक्स और नॉर्थम्पटनशर के लिए खेलने के दौरान नस्लभेदी टिप्पणियों का सामना करने की बात कही है। बता दें कि द क्रिकेटर से बातचीत में मॉरिस ने बताया कि उनके साथियों ने उन्हें गाली देते हुए मंकी कहकर बुलाया। साथ ही कोचिंग स्टाफ के एक सीनियर मेंबर ने ड्रेसिंग रूम में नस्लभेदी जोक्स सुनाए। वहीं मॉरिस का कहना है कि उनका ये अनुभव काफी बुरा था और वे घर जाकर रोया करते थे। अब इस बार इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की प्रतिक्रिया भी आई है इसके बाद कहा गया है कि नस्लीय भेदभाव से जुड़े नए आरोप बुरे हैं, सभी आरोपों के साथ मॉरिस के द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच होगी।

इसके साथ ही मॉरिस ने द क्रिकेटर से कहा कि हम एक बार चेम्सफॉर्ड गए थे वहां एक खिलाड़ी नशे में पूरी तरह से धुत्त हो गया। इसके बाद जब मैं घर पहुंचा तो उसने सीढ़ियों से नीचे केला फेंका और कहा कि इसके लिए ऊपर आओ मंकी। इस घटना के बारे में मैंने अपनी मां को बताया जिसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत की। हालांकि, उस खिलाड़ी को मुझसे माफी मांगनी पड़ी लेकिन उस खिलाड़ी के साथ मुझे काफी समय तक खेलना पड़ा। मॉरिस ने कहा कि इस मामले के अलावा मैंंने कभी कोई शिकायत नहीं की।

कोच सुनाता था नस्लभेदी जोक्स

मॉरिस यहींं नहीं रुके वह एक और घटना को याद करते हुए बताया कि फील्डिंग प्रैक्टिस के दौरान अफ्रीकन-कैरेबियन मूल के एक खिलाड़ी से गेंद छूट गई। फिर क्या था कोच उस पर चिल्लाते हुए कहने लगा कि क्या येल काली चीज है जिसे छूते नहीं? कोच की इस बात पर कई खिलाड़ी हंसने लगे लेकिन हमें बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगी। कोच ड्रेसिंग रूम में अपने फोन पर आने वाले रेसिस्ट जोक पढ़ा करता था। शायद मुझे अच्छा लगता अगर टीम में मेरे साथियों में से कोई इस पर दखल देता लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।

मॉरिस ने कहा कि अक्सर मैं इस तरह की बातों या रेसिस्ट से परेशान रहता। मैं इसके बारे में किसी से कुछ नहीं कहता लेकिन घर जाकर रोता। मैं इससे काफी दुखी रहता था। मॉरिस ने आगे बताया कि ये एक या दो बार नहीं हुआ बल्कि कई बार कई जगह हुआ।


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